मलकानगिरी और कोरापुट जिलों के दौरे पर गए ओडिशा के पुलिस महानिदेशक ने बहादुरी दिखाते हुए अपना शेड्यूल बदल दिया और नक्सवादी विरोधी ऑपरेशन के दौरान घायल हुए दो जवानों को एयरलिफ्ट करने के लिए अपने हेलिकॉप्टर को बौध की ओर मोड़ दिया। ओडिशा पुलिस के अनुसार, डीजीपी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ एलडब्ल्यूई विरोधी कार्यों की समीक्षा के लिए मलकानगिरी और कोरापुट जिलों के दौरे पर थे। इस दौरान जब वह सुनाबेड़ा पहुंचे तो उन्हें घायल जवानों के बारे में खबर पता चली, तो उन्होंने तुरंत अपना कार्यक्रम बदल दिया और बौध के पदेलपाड़ा पहुंचे।

घायल दो जवानों को डॉक्टर की मदद से एयरलिफ्ट कर भुवनेश्वर ले जाया गया है। अब, दोनों कमांडो का एम्स भुवनेश्वर में इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने एक बयान में बताया कि इलाके में अभियान तेज कर दिया गया है। डीजीपी अभय ने कहा, आज सुबह कंधमाल जिले के गोचापाड़ा थाने के तहत ओडिशा पुलिस के एसओजी जवानों और नक्सलवादियों के बीच गोलीबारी हुई। हमारे दो जवान घायल हो गए और हमें सूचना मिली कि कुछ नक्सवादी भी घायल हुए हैं।

उन्होंने कहा, मैं बीएसएफ और उनके पायलट को धन्यवाद देना चाहता हूं। हेलिकॉप्टर इस सेवा के लिए ड्यूटी पर नहीं था, बल्कि यह ओडिशा पुलिस के मलकानगिरी और कोरापुट के दौरे के कार्यक्रम के लिए लगा हुआ था। डीजीपी ने बताया कि एक आईएएफ (भारतीय वायु सेना) के हेलिकॉप्टर की भी आवश्यकता थी, लेकिन खराब मौसम के कारण इसे नहीं बुलाया जा सका। लेकिन बीएसएफ पायलट ने तुरंत एक वैकल्पिक मार्ग लिया और पडेलपाड़ा नामक एक बहुत छोटी जगह पर उतरा और घायल जवानों को सफलतापूर्वक एयरलिफ्ट किया। उन्होंने कांतमल पीएचसी के डॉक्टर को भी धन्यवाद दिया, जो बिना ड्रेस बदले तुरंत सेवा के लिए हाजिर हो गए थे।