जर्मनी के रेड क्रॉस अस्पताल की एक नर्स द्वार हजारों लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने का मामला सामने आया है। इस नर्स को कोरोना वैक्सीन से नफरत थी। इस वजह से उसने करीब 8 हजार 6 सौ लोगों को वैक्सीन की जगह सलाइन सॉल्यूशन का इंजेक्शन लगा दिया। जैसे ही ये खबर सामने आई, अस्पताल से इंजेक्शन लेने वाले लोगों में हड़कंप मच गया। अब अस्पताल ने सभी लोगों से आग्रह किया है कि वो जल्द से जल्द फिर से कोरोना वैक्सीन आकर ले लें।

जानकारी के मुताबिक़, जर्मनी के रेड क्रॉस अस्पताल की एक नर्स को शुरुआत से ही कोरोना वैक्सीन पर भरोसा नहीं था। उसने अपने फेसबुक पेज पर भी वैक्सीन के खिलाफ कई बातें लिखी। उसके पोस्ट पर लोगों की नजर तब पड़ी जब अचानक ये खबर उड़ी कि अस्पताल की एक नर्स ने लोगों को वैक्सीन की जगह नमकीन पानी का इंजेक्शन लगा दिया है। ऐसे में लोगों को दुबारा से वैक्सीन लेने को कहा गया है।

द गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक, ये नकली इंजेक्शन जर्मनी के ग्रामीण इलाकों में लोगों को लगाया गया है। इस खबर के बाद वहां की अथॉरिटी में हड़कंप मच गया। नर्स इंजेक्शन के आने के बाद उसे नमकीन पानी से बदल देती थी। इसके बाद इसी पानी को इंजेक्शन में भरकर लोगों को लगा दिया जाता था।

मार्च और अप्रैल में कई लोगों को वैक्सीन लगाया गया था। इसमें ज्यादातर बुजुर्ग थे। जब वैक्सीन के बाद भी उन्हें कोरोना हो गया तो प्रशासन की नींद उडी। उसने जांच करवाया कि आखिर ऐसा कैसे हो रहा है? जब इसकी डिटेल जांच की गई तो पता चला कि नर्स ने इंजेक्शन को बदल दिया था। अभी तक नर्स की डिटेल सामने नहीं आई है। हालांकि, पुलिस ने अब मामले की जांच शुरू कर दी है।