आपने भी कभी भारतीय डाक विभाग के पोस्ट कार्ड पर खत लिखे होंगे। इन पोस्ट कार्ड पर पते के साथ पिन कोड (Pin Code) भी लिखा जाता है। गौरतलब है कि आज के समय में भी चिट्ठी भेजने, कुरियर या मनी ऑर्डर करने के लिए पिन कोड जरूर लिखा जाता है। परंतु आप जानते हैं कि इन पिन कोड का क्या मतलब होता है और इनमें ऐसा क्या खास होता है। आपको बता दें कि पिन कोड एक बहुत ही खास नंबर है जिस पर पत्र भेजने वाले का पूरा पोस्टल सिस्टम निर्भर होता है। भारत में पिन कोड की शुरुआत पहली बार 15 अगस्त 1972 को शुरू की गई थी।

पिन कोड का अर्थ पोस्टल इंडेक्स नंबर होता है। 1972 से पहले सामान्य डाकघर में चिठ्ठियों को पढ़ा जाता था इसके बाद उन्हें खंडों में बांटा जाता था। यह काम करने में कई मुश्किलें होती थीं। कई बार ऐसा भी होता था कि लोगों के पत्र गलत एड्रेस पर पहुंच जाते थे। इन्हीं परेशानियों से बचने के लिए अक्षरों को सेक्शन में विभाजित करने हेतु पिन कोड पद्धति शुरू की गई।

देश के सभी राज्यों के पिन कोड इस प्रकार हैं—
11 - दिल्ली (New Delhi)
14 से 16 - पंजाब
12 और 13 - हरियाणा
17 - हिमाचल प्रदेश
18 से 19 जम्मू और कश्मीर
36 से 39 - गुजरात
40 से 44 - महाराष्ट्र
20 से 28 - उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड
30 से 34 - राजस्थान
45 से 49 मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़
60 से 64 - तमिलनाडु
50 से 53 - आंध्र प्रदेश
56 से 59 - कर्नाटक
67 से 69 - केरल
70 से 74 - पश्चिम बंगाल
55 से 77 - उड़ीसा
80 से 85 बिहार तथा झारखंड
78 - असम
79 - पूर्वांचल
90 से 99 - सेना डाक सेवा