राष्ट्रीय  नागरिक पंजी (एनआरसी) का अंतिम मसौदा प्रकाशित होने पर असम गण परिषद (अगप) ने भी राज्यवासियों को धन्यवाद ज्ञापन करने के साथ ही सर्वोच्च न्यायालय को भी शुक्रिया अदा किया है । यहां जारी एक विज्ञप्ति में पार्टी अध्यक्ष अतुल बोरा ने कहा कि असमवासियों के लंबे संग्राम तथा 855 शहीदों के त्याग के कारण  व सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप से एनआरसी का प्रकाशन असम में संभव हो पाया है । 

उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि 1971 के 24 मार्च से पहले aआने वाले किसी भी लोगों का नाम अगर सूची से हट गया तो उन्हें आशंकित होने की जरूरत नहीं है । वैध लोगों  को कानूनी सहायता के लिए अगप ने सभी जिलों में क़ानूनी  सहायता सेल का गठन किया है । पार्टी अध्यक्ष बोरा ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाह  फैलाने वाले लोगों से सावधान रहे। 

उन्होंने विदेशी मुक्त शुद्ध एनआरसी के प्रकाशन के सिलसिले में राज्य के सभी वर्गों के लोगों से सहयोग करने का आग्रह किया है। इस औके पर पार्टी मुख्यालय में असम आन्दोलन के शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई । अन्य एक बयान में पार्टी के मुख्य प्रवक्ता  मनोज सैकिया ने डी-वोटर मामले में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष देवब्रत सैकिया को चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने राजनीतिक मुनाफा के लिए विदेशी नागरिकों की समस्या को जिंदा रखना चाहती है ।