नेशनल पीपुल्स पार्टी के वरिष्ठ नेता तथा राज्य के उप मुख्यमंत्री प्रेस्टन टिनसोंग ने आशा जताई है कि पूर्वोत्तर में तीन से चार सीटें उनकी पार्टी की झोल में आएगी। पार्टी ने पहली बार पूर्वोत्तर के अनेक सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं। तीन से चार सीट पर उसके उम्मीदवारों की जीत की संभावना है। उसे मेघालय में तुरा, मणिपुर से एक और असम से दो सीट पर जीतने की संभावना है।

आज एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा के साथ भविष्य में उनके रिश्ते कैसे रहेंगे और एनडीए का वह हिस्सा बनी रहेगी या नहीं, यह सब लोकसभा के नतीजे आने के बाद स्पष्ट होगा। अभी इस संदर्भ में उनका कुछ भी नहीं कहना है। भाजपा नागरिकता विधेयक पर अडिग रही तो उनकी पार्टी अपने पुरानी राय पर खड़ी है। विधेयक के विरद्ध एनपीपी आवाज उठाती रहेगी।


उप मुख्यमंत्री ने कहा कि एनपीपी, यूडीपी, पीडीएफ और एचएसपीडीपी चुनाव के बाद अपने-अपने काॅमन मिनिमम प्रोग्राम के साथ आगे बढ़ेगी। उपोक्त सभी चारों पार्टियों ने बैठक करने की फैसला किया है। ज्वलंत बिंदुओं पर एक राय बनाई जाएगी। फिलहाल अभी लोकसभा चुनाव का दौर चल रहा है। आम चुनाव के बाद बैठक होगी।


यह पूछे जाने पर कि एचएसपीडीपी जैसी पार्टी अलग खासी-जयंतिया राज्य की मांग कर रही है, उन्होंने कहा कि अलग खासी-जयंतिया और अलग गारो राज्य की मांग केवल एक सपने के रूप में रहेगी। उन्होंने कहा केवल दो संसदीय क्षेत्रों के साथ खासी-जंयतिया और अलग गारो राज्य बनाना असंभव है। यह केवल एक सपने के रूप में रहेगा। इस पर चर्चा की आवश्यकता नहीं समझते। टिनसोंग ने बताया कि राज्य में अनुप्रवेश और अवैध आव्रजन के मुद्दे को हल करने के लिए एचएसपीडीपी की आईएलपी मांग पर दूसरे तरीके से देखने की जरूरत है।