शिलोंग । केंद्र में एनडीए की सहयोगी पार्टी नेशनल पीपल्स पार्टी (एनपीपी) मेघालय में भाजपा के सामने बड़ा भाई बने रहने की जुगत में जुटी है यह साफ हो चुका है कि भाजपा व एनपीपी मणिपुर के तर्ज पर यहां भी आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने वानी है दोनों दलों के बीच चुनाव पूर्व गठजोड़ होने की संभावना नहीं दिख रही है भाजपा एवं एनपीपी के नेताओं की तरफ से भी जो संकेत दिए जा रहे हैं यही कि चुनाव के बाद जो परिस्थिति होगी उसी के आधार पर फैसले लिए जाएंगे।

एनपीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा तुरा के सांसद कॉमरेड के संगमा का जो बयान आया है इससे  स्पष्ट हो चुका है कि उनकी पार्टी अगले साल होने वाले मेघालय विधानसभा चुनाव में राज्य की सभी 60 सीटों पर प्रत्यासी उतारने को योजना बना रही है। 

पार्टी का लक्ष्य 30 सीटों पर जीत दर्ज करना है। गारो हिल्स में 24 सीटें है। मौजूदा समय में यहां से  एनपीपी के केवल दो विधायक है। बताया जाता है कि गारो हिल्स में कांग्रेस के विकल्प में एनपीपी को  देखा जाता है 

लेकिन खासी हिल्स एवं जयंतिया हिल्स में उनकी जमीनों पकड़ इतनी अच्छी नहीं है। एनपीपी की कोशिश है कि जिन इलाकों में वह कमजोर है वहां  बेहतर ढंरा से  काम किया जाया केंद्र में भले ही छोटे भाई के रूप में एनपीपी एनडीए का सहयोगी है किन्तु मेघालय में वह बडे भाई का दर्जा स्थापित करने के जुगत में जूटा है। हालांकि भाजपा के साथ उनका कोई मनमुटाव नहीं है।

गत दिनों पिनुरसुला में पार्टी की एक सभा को संबोधित करते हुए कॉनरेड  के संरामा ने यह स्पष्ट किया था कि राज्य की सभी 60 सीटों पर चुनाव लड़ने तैयारी है। साल 2018 में एक नई पारी की शुरुआत करने का मन बनाते हुए पार्टी 30 सीटें जितने का लक्ष्य निर्धारित किया है। 

एनपीपी प्रदेश के तीनों हिल्स से  अधिक से अधिक सीट निकल सके इसके लिए श्रेत्रीय मुद्दों को उठाना प्रारंभ कर दिया है। भाजपा के खिलाफ भी हल्ला बोलने से  नहीं  चुक रहे । हालांकि आगामी समय में एनपीपी को कितनों सफलता मिलेगी यह देखने योग्य होगा।