नागालैंड में नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के दो विधायक सत्तारूढ़ नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी(एनडीपीपी) में शामिल हो गए। ये विधायक इमनटिबा और एल. खुमो खियामनिगन हैं। एनडीपीपी ने एक बयान में कहा, "दोनों विधायकों के पार्टी में शामिल होने से मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो और उपमुख्यमंत्री वाई. पट्टोन के नेतृत्व में पीडीए सरकार को मजबूती मिलेगी।" बयान के अनुसार, "इससे सुनिश्चित होगा कि पीडीए सरकार समावेशी तरीके से सर्वागीण विकास के एजेंडे पर आगे बढ़ते रहे।"

वहीं दूसरी तरफ पूर्वोत्तर में भाजपा को चुनाव से पहले तगड़ा झटका लगा है। टिकटों को लेकर पिछले दो दिन में करीब 23 नेताओं ने पार्टी छोड़ दी है। अरुणाचल प्रदेश में 20 भाजपा नेताओं ने पार्टी छोड़ी है। इनमें दो मंत्री और 6 विधायक शामिल हैं। ये सभी मंगलवार शाम कोनराड संगमा के नेतृत्व वाली नेशनल पीपुल्स पार्टी(एनपीपी) में शामिल हो गए। इस बदलाव के बाद राज्य में एनपीपी की ताकत अब बढक़र 13 हो गई है। 

6 विधायकों व दो मंत्रियों के पार्टी छोडऩे के बावजूद 60 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के अभी भी 40 विधायक हैं। आपको बता दें कि अरुणाचल प्रदेश में 11 अप्रेल को विधानसभा चुनाव है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पार्टी छोडऩे वाले नेता टिकट नहीं मिलने से नाराज थे, इसलिए वे एनपीपी में शामिल हो गए। एनपीपी जो भाजपा की सहयोगी है, अरुणाचल प्रदेश में अकेले चुनाव लड़ेगी। अरुणाचल में 11 अप्रेल को ही लोकसभा की 2 सीटों के लिए भी चुनाव है। 

आपको बता दें कि एनपीपी मेघालय सरकार का नेतृत्व कर रही है जो सत्तारुढ़ भाजपा का हिस्सा है। एनपीपी नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस(एनईडीए)का हिस्सा है। त्रिपुरा में भाजपा के उपाध्यक्ष सुबुल भौमिक उन तीन भाजपा नेताओं में शामिल है, वो मंगलवार को कांग्रेस में शामिल हो गए। दो अन्य में पूर्व मंत्री प्रकाश दास और फायरब्रांड लीडर देबाशीष सेन हैं। भौमिक ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा बहुत हो गया। आपको बता दें कि भौमिक ने 18 मार्च की रात अगरतला में राज्य के कांग्रेस नेताओं के साथ मीटिंग की थी। आपको बता दें कि त्रिपुरा में दो चरणों में लोकसभा चुनाव होंगे। पहले चरण में 11 अप्रेल को वोट डाले जाएंगे। दूसरे चरण का मतदान 18 अप्रेल को होगा। लोकसभा चुनाव के परिणाम 23 मई को आएंगे। एनपीपी मणिपुर में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार का पार्ट है।