नागा पीपुल फ्रंट (एनपीएफ) ने राज्य सरकार के अधिकारियों के खिलाफ पुलिस को आरोप पत्र दाखिल करने की अनुमति देने की नागालैंड लोकायुक्त की पहल की सराहना करते हुए उम्मीद व्यक्त की कि लोकायुक्त इस तरह का कदम बाकी भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ लेने से नहीं हिचकेंगे।


एनपीएफ के प्रेस ब्यूरो ने मंगलवार को जारी एक विज्ञप्ति में बताया कि नागालैंड की सेवानिवृत आयुक्त और सचिव अंगऊ थोउ(पूर्व आईएएस) के खिलाफ पुलिस को आरोप पत्र दाखिल करने की लोकायुक्त की तरफ से अनुमति देना काफी सराहनीय कदम है।


उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने कार्यकाल में विभाग में मनमाने तरीके से नियुक्तियांं कराई थी। इसमें कहा गया है कि सरकारी अधिकारियों के भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए जनता को लोकायुक्त से बहुत उम्मीदें हैं इसलिए लोकायुक्त को किसी राजनीतिक दवाब में नहीं आना चाहिए। एनपीएफ पार्टी इस बात में भी भरोसा रखती है कि किसी एक अधिकारी के खिलाफ उठाया गया यह कदम राजनीतिक प्रतिशोध नहीं है।