मेघालय में अब तस्वीर साफ हो गई है। 21 सीटें जीतकर सबसे बड़े दल के रूप में उभरी कांग्रेस सरकार नहीं बना पाएगी। यहां एनपीपी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार बनेगी। एनपीपी चीफ कोनराड संगमा ने रविवार शाम राज्यपाल गंगा प्रसाद से मुलाकात की और 34 विधायकों के समर्थन के साथ सरकार बनाने का दावा पेश किया। 

एनपीपी को भाजपा,यूडीपी,एचएसपीडीपी,पीडीएफ और एक निर्दलीय विधायक ने समर्थन दिया है। राज्य के अगले मु यमंत्री कोनराड संगमा ही होंगे। कहा जा रहा है कि 6 मार्च को शपथ ग्रहण समारोह होगा। राज्यपाल से मुलाकात क बाद कोनराड संगमा ने कहा, हम सहयोगियों के साथ मिलकर सरकार बनाने जा रहे हैं। 2-3 दिन काफी अहम रहने वाले हैं।

विधानसभा का कार्यकाल पूरा होने से पहले काफी अहम चीजों पर फैसला होना है। सोमवार तक सभी चीजें साफ हो जाएंगी। इससे पहले यूडीपी नेता दोनकुपर रॉय ने कहा, हम कांग्रेस के साथ काम नहीं कर सकते। पार्टी की बैठक में यह फैसला लिया गया कि हम गैर कांग्रेसी सरकार का समर्थन करेंगे। हम राज्य में स्थिर सरकार चाहते हैं, इसलिए हम एनपीपी और भाजपा की सरकार को समर्थन दे रहे हैं। कोनराड संगमा ही मेघालय  मु यमंत्री बनेंगे। आपको बता दें कि मेघालय में विधानसभा की कुल 60 सीटें हैं। 

चुनाव 59 सीटों पर हुए। विलियमनगर सीट पर एनसीपी उ मीदवार जोनाथॉन संगमा की आईईडी ब्लास्ट में मौत के कारण चुनाव स्थगित कर दिया गया। बहुमत के लिए 31 विधायकों का समर्थन चाहिए। विधानसभा चुनावों में एनपीपी को 19, भाजपा को 2, यूडीपी को 6, एचएसपीडीपी को 2, पीडीएफ को 4 सीटें मिली है। इस तरह आंकड़ा 33 तक पहुंचता है। एक निर्दलीय के समर्थन के बाद यह आंकड़ा 34 तक पहुंच जाता है। आपको बता दें कि रविवार को निर्दलीय विधायक सैमुअल एस.संगमा ने भाजपा नेता हिमंता बिस्वा सरमा से मुलाकात कर समर्थन देने की बात कही। 

सरमा ने कहा कि सरकार में उनकी पार्टी की भूमिका एनपीपी और यूडीपी के बाद तीसरे नंबर पर होगी। इससे पहले कांग्रेस ने सरकार बनाने का दावा पेश किया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ, सीपी जोशी और अहमद पटेल ने शनिवार को मेघालय के राज्यपाल गंगा प्रसाद से मुलाकात की। मीटिंग के बाद कमलनाथ ने कहा, हमने राज्यपाल से मुलाकात की। कांग्रेस विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। हम चाहते हैं कि कांग्रेस को सरकार बनाने का न्योता मिले।

लोगों की आवाज का स मान किया जाना चाहिए। भाजपा ने केवल 2 सीटें जीती है। जाहिर है कि जनता ने उन्हें खारिज कर दिया है। कांग्रेस सरकार बनाने के अपने प्रयास में मेघालय के सभी क्षेत्रीय दलों के संपर्क में है। उन्होंने भाजपा पर धनबल का इस्तेमाल कर कांग्रेस को सत्ता से बाहर रखने की कोशिश का आरोप लगाया। मेघालय कांग्रेस के वर्किंग प्रेसिडेंट और लोकसभा सांसद विंसेंट एच.पाला ने कहा, हमें भरोसा है कि क्षेत्रीय पार्टियों के सहयोग से सरकार बना लेंगे। मुकुल संगमा ने कहा,जो नतीजे आए हैं, उसमें खंडित जनादेश मिला है। 

अब लोगो  को देखना है कि उन्हें कैसी सरकार चाहिए। भाजपा या अन्य क्षेत्रीय पार्टियों ने चुनाव से पहले कोई गठबंधन नहीं किया था। उन्होंने अकेले चुनाव लड़ा। लिहाजा कांग्रेस ही सबसे बड़ी पार्टी है। आपको बता दें कि जब मेघालय के विधानसभा चुनाव के रुझानों में यह स्पष्ट हो गया कि वहां कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने जा रहा है तब पार्टी के दो दिग्गज नेता अहमद पटेल और कमलनाथ तुरंत शिलॉन्ग के लिए रवाना हो गए।