नागालैंड में भाजपा को सत्ता में आने से रोकने के लिए सत्तारुढ़ नगा पीपुल्स फ्रंट(एनपीएफ) ने बड़ा दांव चला है। एनपीएफ ने मौजूदा सीएम टी.आर.जेलियांग को अपना सीएम कैंडिडेट घोषित किया है। एनपीएफ को आशंका है कि विधानसभा में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत न मिलने पर भाजपा बाजी मार सकती है। ऐसे में उसने गठबंधन सहयोगी एनपीपी और जदयू के समर्थन वाला पत्र नागालैंड के गर्वनर पी.बी. आचार्य को सौंपा है, जिसमें जेलियांग को सीएम कैंडिडेट बनाने की बात कही गई है।


एनपीएफ को डर है कि अगर नागालैंड में उसे स्पष्ट बहुमत नहीं मिला तो राज्यपाल सबसे ज्यादा सीटें जीतने वाले गठबंधन को सरकार बनाने का मौका दे देंगे। चूंकि एनपीएफ ने चुनाव पूर्व किसी दल से गठबंधन नहीं किया इसलिए वह सत्ता से दूर हो जाएगी। आपको बता दें कि नागालैंड में विधानसभा की कुल 60 सीटें हैं लेकिन चुनाव 59 सीटों पर ही हुआ है। नार्दर्न अंगामी 2 सीट से एनडीपीपी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार नेफ्यू रियो निर्विरोध निर्वाचित घोषित हो गए थे।

नागालैंड में विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने एनपीएफ से गठबंधन तोड़ दिया और एनपीएफ से  अलग होकर बनी नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी से हाथ मिला लिया। भाजपा ने 20 जबकि एनडीपीपी ने 40 सीटों पर चुनाव लड़ा। भाजपा ने 2003 में एनपीएफ से गठबंधन किया था। इसमें जदयू भी शामिल थी। चुनाव से पहले जदयू भी एनपीएफ से अलग हो गई थी। काउंटिंग से ठीक एक दिन पहले एनपीएफ ने भाजपा की किसी भी संभावना को रोकने के लिए जदयू और एनपीपी के समर्थन वाला पत्र राज्यपाल को सौंपा। एनपीएफ और भाजपा तीन विधानसभा चुनाव एक साथ लड़ चुके हैं।

एनपीपी और जदयू केन्द्र में भाजपा के साथ गठबंधन में है। पड़ोसी राज्य मेघालय में भी एनपीपी और भाजपा अलग अलग चुनाव लड़ रहे हैं। गर्वनर को लिखे पत्र में एनपीएफ अध्यक्ष शुरहोजेलि लितजियेत्सु, एनपीपी के अतो येप्थोमी और जदयू के सेन्शुमो लोथा ने कहा, गठबंधन को भरोसा है कि उसे पूर्ण बहुमत मिलेगा। हम साथ मिलकर सरकार बनाने का दावा करने की स्थिति में होंगे। हम आपसे निवेदन करते हैं कि तय नियमों और चुनाव पूर्व गठबंधन के आधार पर उन्हें सरकार बनाने का अवसर दिया जाए।