वोटर आईडी कार्ड को आधार से जोड़ने पर कानून मंत्रालय काम कर रहा है। चुनाव आयोग के इस प्रस्ताव को अमली जामा पहनाने के लिए मंत्रालय ने तैयारी शुरू कर दी है। वोटर आईडी से आधार कार्ड को लिंक करने के लिए आधार ऐक्ट और रिप्रजेंटेशन ऑफ द पीपल ऐक्ट में बदलाव करना होगा। दिसंबर में मंत्रालय और चुनाव आयोग के बीच हुई चर्चा में डेटा लीक न हो और डेटा सुरक्षा उपायों पर चर्चा की गई ताकि किसी अवैध यूजर के हाथ डेटा नहीं लगे। 

पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, कानून मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि इस बार बजट सत्र में बिल पेश किया जा सकता है। चुनाव आयोग के आधार कार्ड को वोटर आईडी कार्ड से जोड़ने जिसमें नए वोटरों के साथ पुराने सभी वोटर्स को भी शामिल किया जाएगा ताकि चुनाव भूमिकाओं में इसका प्रयोग किया जा सके। 

चुनाव आयोग के मुताबिक कानून मंत्रालय नें सितंबर में हमें वोटर डेटा को सुरक्षित रखने के लिए सुरक्षा उपाय के बारे में जानकारी मांगी थी। प्रस्तावर तैयार कर दिसंबर में मंत्रालय को भेजा गया था, लेकिन अभी तक मंत्रालय की ओर से कोई और सूचना नहीं मिली है।

कानून मंत्रालय ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्रालय जल्द ही चुनाव कानून में बदलाव कर कर सकता है। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इसके लिए ऐक्शन लिया जा चुका है। 

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