जीवन बीमा निगम (Life Insurance Corporation) या LIC का कोई प्लान चला रहे हैं तो उसका प्रीमियम भी भरते होंगे। पॉलिसी चलाने के लिए प्रीमियम भरना जरूरी है।  प्रीमियम भरने के कई तरीके हैं, जैसे कैश, ऑनलाइन आदि।  ऑनलाइन में आजकल कई सुविधाएं मिल रही हैं।  मोबाइल वॉलेट जैसे कि पेटीएम, गूगल पे  या फोन पे तो हैं ही, इसके अलावा भी कई साधन हैं। आपके पास डेबिट या क्रेडिट कार्ड है तो उससे भी प्रीमियम पे कर सकते हैं।  नेट बैंकिंग (Net banking)  की सुविधा ली है तो उससे भी पेमेंट कर सकते हैं।  लेकिन क्या आपको पता है कि ईपीएफ खाताधारक (EPF account holder) हैं तो उससे भी आप LIC का प्रीमियम चुका सकते हैं?

यह जानकारी आपके लिए नई हो सकती है, इसलिए आइए आपको डिटेल में बताते हैं। यदि आपको लगता होगा कि आपका पीएफ अकाउंट केवल सेविंग स्कीम है तो इसमें एक जानकारी और जोड़ लेनी चाहिए। आपका पीएफ खाता आपके और भी कई काम आ सकता है। पीएफ पर कई तरह के लाभ ईपीएफओ की तरफ से उसके ग्राहकों को दिए जाते हैं। इसी लाभ में एक है एलआईसी का प्रीमियम भरा जाना। आप चाहें तो ईपीएफ में से एलआईसी का पैसा भर सकते हैं। 

इसके लिए आपको ईपीएफओ (EPFO) का फॉर्म 14 भरना होगा जिसका डायरेक्ट लिंक यहां दिया गया है।  इस लिंक पर क्लिक करने के बाद आप ईपीएफओ के फॉर्म को डाउनलोड कर सकते हैं।  इस फॉर्म को भरने के बाद आप ईपीएफओ के पैसे से एलआईसी का प्रीमियम आसानी से भर सकते हैं।  यह फॉर्म ईपीएफ के कमिश्नर के नाम भरा जाता है और इसमें अपनी सभी जरूरी जानकारी देनी होती है। फॉर्म के माध्यम से ईपीएफ फंड से एलआईसी का प्रीमियम भरने की अनुमति मांगी जाती है। 

इन बातों का रखना होगा ध्यान

इस सुविधा का लाभ वही लोग उठा सकते हैं जो ईपीएफओ के सदस्य हों। जिन लोगों का पहले से पीएफ खाता हो, वे ही अपने फंड से एलआईसी का पैसा जमा कर सकते हैं। पीएफ खाते में इतना पैसा भी होना चाहिए जिससे कि एलआईसी का प्रीमियम भरा जा सके। साथ ही, जो व्यक्ति कम से कम 2 साल से ईपीएफओ का मेंबर हो, वही इस सुविधा का लाभ उठाते हुए एलआईसी का प्रीमियम भर सकता है। 

ईपीएफ का फॉर्म 14 भरने के बाद आपको एलआईसी का प्रीमियम चुकाने का मौका मिल जाता है। हालांकि इस बात का ध्यान रखें कि इस सुविधा का लाभ इमरजेंसी में ही उठाएं तो ज्यादा अच्छा क्योंकि ईपीएफ या पीएफ का पैसा सेविंग के लिए है, न कि प्रीमियम आदि भरने पर खर्च के लिए। इसे अगर रोजमर्रा की आदत बना लेंगे तो भविष्य की सेविंग पर असर आएगा। अंत में रिटायरमेंट के वक्त हाथ में आने वाली जमा राशि कम हो जाएगी।