अगस्त में काबुल पर कब्जा करने के बाद से तालिबान लगातार (Human rights) मानवाधिकारों की धज्जियां उड़ा रहा है। अब तालिबान अफगान लोगों के मनोरंजन के साधनों पर भी ताला लगाने की तैयारी कर रहा है। तालिबान ने (Taliban have implemented strict laws to eliminate) मनोरंजन के साधनों को खत्म करने के लिए सख्त कानून लागू किए हैं।  पिछले 15 सालों में अफगानिस्तान में जो भी मनोरंजन के साधन पनपे थे, वह खत्म होते जा रहे हैं। 

तालिबान शासन के कड़े कानूनों ने लाइव म्यूजिक (Banned live music) , म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट्स (Musical instruments) और तेजतर्रार पार्टियों (flamboyant parties) पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। तालिबान जल्द ही इसे लेकर सख्त शरिया कानून लागू कर सकता है। काबुल सहित कई शहरों में एयरवेब, टीवी स्क्रीन, म्यूजिक स्कूल और थिएटर बंद हो चुके हैं।

अपने पिछले शासन के दौरान तालिबान ने हिंसक तरीके से म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट्स को नष्ट कर दिया था। नियमों को पालन नहीं करने वाले लोगों को कोड़े मारने के सजा दिए। इसके बाद अफगानिस्तान में लोग कैसेट और सीडी को छिपाकर रखने लगे। कैसेट्स को छिपाकर रखे पकड़े जाने पर तालिबान ने अफगान लोगों को कठोर सजा दी थी।

इसके साथ ही अफीम पर प्रतिबंध के बावजूद तालिबान पिछले बीस सालों में पाकिस्तान और ईरान की सीमाओं पर आपूर्ति बढ़ाने के लिए अफीम के व्यापार पर बहुत अधिक निर्भर था। अफगानिस्तान पर नजर रखने वाले एक्सपर्ट्स बताते हैं कि तालिबान में कोई तबदीली नहीं हुई है। तालिबान एक बार फिर अपने पुराने शासनकाल के तरीकों को अपना रहा है।