नकदी संकट के कारण कभी डूबने के कगार पर खड़ा निजी क्षेत्र का यस बैंक (Yes Bank) अब फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट (FD) पर 7.25 फीसदी तक का ब्‍याज दे रहा है। दरअसल, यस बैंक ने एफडी पर ब्‍याज दरों (Interest Rates) में बदलाव कर दिया है। कोई भी व्‍यक्ति यस बैंक में कम से कम 10,000 रुपये से एफडी की शुरुआत कर सकता है। इसके लिए न्‍यूनतम परिपक्‍वता अवधि (Maturity Period) 7 दिन और अधिकतम 10 वर्ष रखी गई है। यस बैंक ने बताया कि नई ब्‍याज दरें (Bank Rates) 5 अगस्त 2021 से लागू हो चुकी हैं। 

यस बैंक 7 से 14 दिन के फिक्स्ड डिपॉजिट पर 3.25 फीसदी ब्‍याज दे रहा है। वहीं, 15 से 45 दिन की अवधि के एफडी पर 3.50 फीसदी और 46 से 90 दिन के लिए 4 फीसदी ब्‍याज दे रहा है। इसके अलावा 3 महीने से लेकर 6 महीने से कम तक के डिपॉजिट पर 4.50 फीसदी और 6 महीने से लेकर 9 महीने से कम की अवधि के लिए 5 फीसदी ब्‍याज की पेशकश कर रहा है। बैंक 9 महीने से लेकर एक साल से कम के फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट पर 5.25 फीसदी और 1 साल से लेकर 18 महीने से कम के लिए 5.75 फीसदी ब्‍याज दर की पेशकश कर रहा है।

जानें किस अवधि के लिए मिल रहा कितना ब्‍याज

18 महीने से 3 सल से कम अवधि के एफडी पर 6 फीसदी ब्‍याज मिल रहा है।

3 साल से लेकर 5 साल से कम की अवधि के लिए 6.25 फीसदी ब्‍याज है।

5 साल से लेकर 10 साल से कम के लंबी अवधि के एफडी पर 6.50 फीसदी ब्‍याज मिलेगा।

वरिष्‍ठ नागरिकों को मिलता रहेगा ज्‍यादा मुनाफा

यस बैंक वरिष्‍ठ नागरिकों को एफडी पर ज्‍यादा ब्‍याज दर की पेशकश कर रहा है। वरिष्‍ठ नागरिकों को 7 दिन से 10 साल तक की अवधि के एफडी पर 3.75 फीसदी से 7.25 फीसदी के बीच ब्‍याज दर की पेशकश की जा रही है। अगर फिक्स्ड डिपॉजिट मैच्योरिटी से पहले निकाला या बंद किया जाता है तो इस पर जुर्माना (Penalty) चुकाना पड़ सकता है। हालांकि, 181 दिन या इससे कम के फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट पर मैच्‍योरिटी से पहले रकम निकालने पर जुर्माना नहीं लगेगा। वहीं, 182 दिन या इससे अधिक पर 0.50 फीसदी जुर्माना चुकाना होगा। बता दें कि एक समय यस बैंक नकदी संकट के कारण डूबने के कगार पर पहुंच गया था। इसके बाद सरकार ने हस्‍तक्षेप किया और बैंक को दोबारा खड़ा किया।