पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नए विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण अगले 48 घंटे के दौरान उत्तर भारत के अधिकतर हिस्सों में बारिश के साथ साथ ऊंचे पहाड़ों पर बर्फबारी के कारण मैदानों में शीत लहर का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा नए साल से पहले ही न्यूनतम और अधिकतम तापमान के भी 2 से 3 डिग्री नीचे गोता खाने की उम्मीद है। 

मौसम विभाग की तरफ से जारी पूर्वानुमान के मुताबिक, उत्तर भारतीय राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ का असर 26 दिसंबर से दिखाई देने लगेगा यानी शनिवार से ही कुछ इलाकों में ठीक-ठाक बारिश देखी जा सकती है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित, बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में अच्छी बारिश हो सकती है, जबकि हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी बादलों के जमकर बरसने के साथ ही भारी बर्फबारी का अनुमान है। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी 27 व 28 दिसंबर को हल्की बारिश हो सकती है। इसके अलावा दक्षिण भारतीय राज्यों में भी भारी बारिश होने की संभावना है।

मौसम विभाग ने पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तरी राजस्थान में भयानक शीत लहर चलने की चेतावनी दी है। साथ ही स्थानीय प्रशासन को इससे निपटने के उपाय किए जाने की सलाह दी है। पंजाब, हरियाणा में 26 दिसंबर से, हिमाचल, उत्तराखंड में 27 दिसंबर से और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 28 व पूर्वी उत्तर प्रदेश में 29 दिसंबर से शीतलहर का प्रकोप चरम पर होगा। 

मौसम विभाग ने 30 दिसंबर तक के लिए पूर्वानुमान जारी किया है, जिसके मुताबिक उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के ज्यादातर हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 2 से 6 डिग्री सेल्सियस नीचे रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, 27 दिसंबर तक न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी होगी, लेकिन इसके बाद पारा 3 से 5 डिग्री तक नीचे जा सकता है। अधिकतम तापमान भी 28 से 30 दिसंबर के दौरान 5 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। 

उत्तर भारत में कोहरे का प्रकोप बढ़ गया है। शुक्रवार को हरियाणा और पंजाब के कई क्षेत्रों में बेहद कम दृश्यता रही। मौसम विभाग के मुताबिक, अमृतसर, पटियाला और लुधियाना में महज 25 मीटर तक ही दिखाई दिया, जिसके चलते वाहनों का आवागमन बड़े पैमाने पर प्रभावित रहा। दिल्ली और ग्वालियर में महज 200 मीटर, जबकि लखनऊ, वाराणसी, दिल्ली पालम, भिवानी, अलीगढ़ और फुर्सतगंज आदि शहरों में 500 मीटर तक ही दृश्यता रही। मौसम विभाग ने 29 दिसंबर से कोहरे का असर और ज्यादा बढ़ने की चेतावनी दी है।

जम्मू-कश्मीर में शुक्रवार को तापमान में अचानक गिरावट देखी गई। कश्मीर में 21 दिसंबर से चिल्ले-कलां का प्रकोप चल रहा है, जिसमें 40 दिन तक कड़ाके की ठंड के हालात रहते हैं। चिल्ले-कलां का असर 31 जनवरी तक रहेगा, जबकि उसके बाद 20 दिन का चिल्ले-खुर्द और फिर 10 दिन का चिल्ले-बच्चा होगा। इस दौरान कश्मीर घाटी में जबरदस्त बर्फबारी होने से तापमान बेहद नीचे पहुंच जाता है। वहां से चलने वाली बर्फीली हवाओं के कारण पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में खासतौर पर जबरदस्त ठंड पड़ती है।