नागरिकता संशोधन विधेयक का असम समेत पूरे पूर्वोत्तर में विरोध चल रहा है। अब भाजपा के अंदर भी बिल को लेकर आवाजें उठने लगी हैं। जोरहाट के भाजापा विधायक तथा असम विधानसभा के अध्यक्ष हितेंद्र नाथ गोस्वामी के बाद सतिया के भाजपा विधायक पद्म हजारिका और लाहोवाल के भाजपा विधायक ऋतुपर्ण बरुवा ने विधेयक के खिलाफ आवाज उठार्इ  है।

बरुवा ने कहा कि शीर्ष नेतृत्व को इस पर फिर से विचार करना चाहिए क्योंकि यह असम समझौते को पूरी तरह नकारा देगा। बरुवा मुख्यमंत्री के करीबी हैं। उन्होंने कहा कि विशिष्ट बुद्धिजीवी डा. हीरेन गोहाईं के खिलाफ देशद्रोह का जो मामला पुलिस ने दर्ज किया है वह पुलिस के अधिकारियों का मुख्यमंत्री की छवि को धूमिल करने के लिए किया गया षड़यंत्र है।

असम समझौते में किसी भी बदलाव के पक्ष में नहींः हजारिका
हजारिका ने कहा कि वह विवादास्पद नागरिकता (संशोधन) विधेयक को स्वीकार नहीं करेंगे। इस विधेयक में बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए गैर मुस्लिम शरणार्थियों को भारत की नागरिकता देने के लिए कट ऑफ तारीख 31 दिसंबर 2014 करने का समर्थन किया गया है। चूंकि मैं असम आंदोलन का सक्रिय सदस्य रहा था, जिसके बाद असम समझौता हुआ था, इसलिए मैं नहीं चाहूंगा कि समझौते का उल्लंघन हो।’ उन्होंने कहा कि वह असम समझौते में किसी भी बदलाव के पक्ष में नहीं हैं। हजारिका ने कहा, ‘मैं चाहता हूं कि असम समझौते का सम्मान किया जाए।’


विधेयक को नहीं मेरा नैतिक समर्थनः हितेंद्र नाथ
इससे पहले असम विधानसभा के अध्यक्ष हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने कहा था कि विधेयक को मेरा भी नैतिक समर्थन नहीं है। स्वदेशी लोगों द्वारा स्वीकार न किए जाने वाले कार्य को मेरा विवेक भी समर्थन नहीं करता। मैं अब भी आशा करता हूं कि सबको स्वीकृत असम समझौते के आधार पर स्वदेशी लोगों के हितों को सुरक्षित करने के लिए केंद्र व राज्य सरकार जल्द ही बड़ा फैसला कर विधिवत कदम उठाएगी। असमवासियों के मन में जो शंका है उसे भी इन कदमों के जरिए दूर किया जाएगा।


हर कार्यक्रम में हेलीकाप्टर से जा रहे सीएम
राज्यभर में विधेयक के खिलाफ विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल को विरोध से बचने के लिए थोड़ी दूरी भी हेलीकाप्टर से तय करनी पड़ रही है। जोरहाट के काजीरंगा विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए वे गए। इसके लिए विश्वविद्यालय के परिसर में ही हेलीपेड बनाया गया। वहीं मंगलवार को नगांव में वे भोगाली बिहू के कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे थे तभी गैस से भरे काले गुब्बारे उड़ाए गए। कांग्रेस ने बिहू के दिन मेजी(पारंपरिक आग)जलाकर कामना की कि मुख्यमंत्री को सद्बुद्धि आए। वहीं कई दिनों से विधेयक के खिलाफ बैठे किसान नेता अखिल गोगोई ने मंगलवार को अपना अनशन तोड़ दिया।