जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री एवं पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ( Mehbooba Mufti) ने शनिवार को आरोप लगाया, हम लोगों को चुप कराने के लिए  प्रतिदिन कड़े कानून लागू किए जा रहे हैं। महबूबा मुफ्ती ने ट्विटर पर लिखा कि श्रीनगर में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने कई विवाह भवनों (CRPF has taken over several wedding halls in Srinagar) को अपने कब्जे में ले लिया है।

 उन्होंने ट्वीट किया, 'श्रीनगर में हर गली चौराहे पर सुरक्षा (installing security bunkers at every street intersection in Srinagar) बंकर लगाने के बाद सीआरपीएफ ने विवाह भवनों (मैरिज हॉल) पर भी कब्जा कर लिया है। यह एकमात्र ऐसा स्थान था जो स्थानीय लोगों के लिये बचा था। लोगों को चुप कराने के लिये प्रतिदिन कड़े कानून लागू किये जा रहे हैं।'

CPI (M)के नेता मोहम्मद युसूफ तारिगामी (CPI(M) leader Mohammad Yusuf Tarigami) ने कहा, 'जम्मू और कश्मीर प्रशासन ने श्रीनगर और घाटी के कई इलाकों में इंटरनेट सेवा)  बंद  (Internet service suspended in Srinagar )  कर दिया है। सरकार के इस फैसले से पीड़ादायी यादें ताजा हो गईं। यह यादें 5 अगस्त, 2019 के समय की है जब कम्यूनिकेशन से जुड़ी कई पाबंदियां लगाई गई थीं। बताया जा रहा है कि कई इलाकों में इंटरनेट सेवा बाधित हो गई है। 

इसकी वजह से छात्रों पर काफी असर पड़ा है। इंटरनेट सेवा बाधित होने की वजह से छात्र ऑनलाइन क्लास नहीं कर पाते हैं। सीपीआई (एम) नेता ने कहा कि व्यापारी, चिकित्सक, मीडिया कर्मी और अन्य कर्मचारियों को इसकी वजह से काफी परेशानियां हो रही हैं। तारिगामी ने कहा कि मौजूदा समय में इंटरनेट पर लगाई गई पाबंदी से काफी परेशानियां हुई हैं।