कोरोना काल में सोना निवेशकों की पसंद बनी हुई है।  इससे एक ओर निवेशक खुश हैं, तो दूसरी ओर उपभोक्ता काफी परेशान हैं।  कीमतें लगातार आसमान छू रही हैं।  Gold  के प्रति भारतीय समाज में शुरू से ही दीवानगी रही है।  

इसी दीवानगी के कारण आज सोना इतना सोणा बन चुका है कि इसकी पहुंच आम लोगों से दूर होती जा रही है।  इसकी बढ़ती कीमत का अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि 22 जनवरी को 39,100 प्रति 10 ग्राम बिकने वाले इस पीले धातु की कीमत 22 अगस्त को 51800 रुपये पर पहुंच गई।  11 अगस्त को तो 54,500 रुपये तक पहुंच गया। 

जनवरी 2020 से लेकर अब तक अगस्त यानी सात माह में ही सोना 39,100 रुपये से बढ़कर 51,800 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 48,500 रुपये से बढ़कर 66,000 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई है। 

जिनके घर शादी है, वह काफी परेशान हैं।  बजट कम करके खरीदारी कर रहे हैं।  एक मध्यम वर्गीय परिवार के घर में शादी के लिए कम-से-कम 50 से 55 ग्राम के सोने के गहने खरीदे जाते हैं।  इसमें हाफ सेट यानी गले और कान का सेट, दो से चार पीस बैंगल्स और मांगटीका शामिल होता है। 

ज्वेलर्स का कहना है कि कोरोना के कारण गहना बाजार में सामान्य खरीदारी काफी प्रभावित हो गई है।  पहले जन्माष्टमी और 15 अगस्त के निकट सामान्य खरीदारी भी होती थी।  आज यह खरीदारी काफी प्रभावित हो गई है।  इसका मुख्य कारण यह है कि कीमतें भी बढ़ी हुई हैं और लोग घरों से निकलने से बच रहे हैं।  शहर के एक बड़े दुकानदार ने कहा कि पहले सामान्य दिनों में फिंगर और इयर रिंग की लगभग 40-50 पीस बिक्री हो जाती थी, आज मुश्किल से 20 पीस की बिक्री हो रही है। 

विशेषज्ञों का कहना है कि सोना की कीमतों में और इजाफा होगा।  बाजार में अभी अनिश्चितता है़ यही कारण है कि लोग सोना में निवेश कर रहे हैं।