भारत देश अपनी पावर से पड़ोसी देशों होश उड़ा रहा है। चीन को एक के बाद एक मिसाइलों के ट्रायल भारत देश झटका दे रहा है। हाल ही में Indian Navy और अंडमान एवं निकोबार कमांड ने मिलकर BrahMos सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के एंटी-शिप वर्जन का सफल ट्रायल किया है। जिससे चीनी नौसेना छक्के छुट गए हैं।  

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अंडमान एवं निकोबार कमांड देश का इकलौता ऐसा कमांड है, जहां देश की तीनों सेनाओं का संचालन एकसाथ किया जाता है। ट्वीट में स्पष्ट तौर पर लिखा है कि भारतीय नौसेना और ANC ने एक बार फिर अपने कॉम्बैट रेडीनेस को दिखाने के लिए समुद्र में मौजूद टारगेट को ब्रह्मोस मिसाइल के एंटी-शिप वर्जन से नष्ट कर दिया।




 ब्रह्मोस के अत्याधुनिक वर्जन-

-ब्रह्मोस मिसाइल दुनिया की सबसे तेज एंटी-शिप क्रूज मिसाइल है।
-एंटी-शिप वैरिएंट में पहला है ब्लॉक-1 (सरफेस लॉन्च्ड) यानी युद्धपोत से दागी जाने वाली एंटी-शिप वैरिएंट. ये वैरिएंट देश के कई युद्धपोतों में तैनात है।
-भारतीय नौसेना ने राजपूत क्लास डेस्ट्रॉयर INS Ranvir और INS Ranvijay में 8 ब्रह्मोस मिसाइलों वाला लॉन्चर लगा रखा है।
-भारतीय नौसेना ने हिंद महासागर में मौजूद देश के पहले स्टेल्थ विध्वंसक INS विशाखापट्टनम से ब्रह्मोस के अत्याधुनिक वर्जन का सफल परीक्षण किया था।
-ब्रह्मोस मिसाइल देश के दो या तीन मिसाइलों में से एक है, जो जमीन,  फाइटर जेट, पनडुब्बी और जंगी जहाज से चलाया जा सकता है।
-ब्रह्मोस मिसाइल का एंटी-शिप वर्जन 2.8 मैक यानी 3457.44 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से उड़ती है.
-तलवार क्लास फ्रिगेट INS Teg, INS Tarkash और INS Trikand में 8 ब्रह्मोस मिसाइलों वाला लॉन्चर तैनात है।