स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर पर विज्ञान से संबंधित छात्रों के उज्जवल भविष्य के लिए भारत सरकार की ओर से छात्रवृत्ति योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत 11वीं, 12वीं कक्षा और स्नातक कर रहे छात्रों को फेलोशिप दी जाती है। भारतीय विज्ञान संस्थान बेंगलुरु इस योजना का संचालन करती है।

इस योजना को 'किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना' नाम दिया गया है। इसके तहत विज्ञान, प्रौद्योगिकी और औषधि क्षेत्र में काम करने वाले छात्रों को फेलोशिप दी जाती है।

'किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना' (केवीपीवाई) फेलोशिप बीते दो दशकों से छात्रों को विज्ञान के क्षेत्र में कैरियर बनाने में काफी मदद कर रहा है। इस योजना के तहत छात्रों को 5 हजार रुपये और 7 हजार रुपये प्रतिमाह की दो अलग-अलग फेलोशिप दी जाती है। इस योजना का लाभ लेने के लिए छात्रों को फेलोशिप के लिए आवेदन करना जरूरी है।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने इस योजना की शुरुआत साल 1999 में की थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देशभर में विज्ञान के क्षेत्र में छुपी प्रतिभा को बाहर लाना है जिससे देश का और छात्रों के आने वाले भविष्य को संवारा जा सके। राष्ट्रीय स्तर पर छात्रों के चयन के लिए इस योजना के तहत उच्च-स्तरीय प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया जाता है। जिसे आमतौर पर दो-चरणों में आयोजित किया जाता है। पहले चरण में ऑनलाइन एप्टिट्यूड टेस्ट और दूसरे चरण में साक्षात्कार होता है।

पात्रता
बता दें कि केवीपीवाई फेलोशिप में भाग लेने के लिए छात्रों को दसवीं में विज्ञान और गणित विषय में 75% अंक पाना जरूरी है। इसके साथ ही अनुसूचित जाति, जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों को 10 प्रतिशत की छूट दी जाती है। वहीं स्नातक प्रथम वर्ष के छात्रों को 12वीं में 60 प्रतिशत अंक लाना आवश्यक है। वहीं अनुसूचित जाति, जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग को 10 प्रतिशत की छूट के साथ 50 प्रतिशत अंक लाना आवश्यक है।