नई दिल्ली।  देश में लोग घर की सफाई तो करते हैं, मगर कूड़ा कचरा सड़कों, नालियों या खाली जगह में फेंक देते हैं पॉकेट से गुटका, पान निकालते और मुंह में डालकर चबाने लगते हैं।  

जब पीक से मुंह भर जाता है तो बिना किसी संकोच किए सार्वजनिक स्थानों पर थूकने में नहीं हिचकिचाते हैं. लेकिन अब इस आदत को अभी से बदलना होगा. दिल्ली में केंद्र सरकार सार्वजनिक स्थानों पर थूकने और खांसने पर प्रतिबंध लगा रही है। 

जानकारी के मुताबिक अब देश में सार्वजनिक जगहों से थूक और गंदगी को साफ करने के लिए सरकार कड़ा कानून लाने वाली है. ऐसे में अगर अब कोई शख्स पब्लिक प्लेस, संस्था और सीढ़ियों पर थूकता हुआ पाया गया तो उसे जेल या जुर्माना दोनों हो सकती है। 

इस तरह के नियम लेन का मकसद है टीबी और दूसरी बीमारियों को रोकना. स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यसभा की अश्योरेंस कमेटी को नए कानून के बारे बता दिया है जैसे ही कैबिनेट की मंजूरी मिलती है इसे संसद में पेश किया जाएगा। 

गौरतलब है कि उत्तराखंड में ये नियम सबसे पहले चलाया गया था. जिसमें जो लोग सार्वजनिक स्थानों पर न कूड़ा-कचरा फेकते या थूकते पाए गए तो उन पर एक्ट की धारा नौ के तहत पांच हजार रुपये का जुर्माना देना पड़ेगा. यहीं नहीं, जुर्माना व छह माह की सजा का भी प्रावधान है।