भोपाल. मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार अब जमीन के पट्टे के रिन्युअल पर स्टाम्प शुल्क लेगी. कैबिनेट में हुए फैसले के अनुसार यदि 30 साल से अधिक अवधि का पट्टा है, तो इसके लिए बाजार मूल्य का 5 प्रतिशत स्टॉम्प ड्यूटी चुकानी होगी. वाणिज्यिक कर विभाग ने इसके लिए भारतीय स्टाम्प (मप्र संशोधन) विधेयक 2022 का प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट में भेजा है.

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जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंगलवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक में इस बारे में फैसला होगा. प्रस्ताव के अनुसार एक साल की अवधि वाले पट्टे के रिन्युअल पर 500 रुपए स्टाम्प शुल्क देना होगा. खास बात ये है कि खनन पट्टों को छोड़कर सभी प्रकार के पट्टों के रिन्युअल पर यह शुल्क लगेगा.

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प्रस्ताव के अनुसार एक वर्ष से अधिक और पांच वर्ष से कम अवधि के पट्टे पर संपत्ति के बाजार मूल्य का 0.1 प्रतिशत, 5 से अधिक और 10 साल तक की स्थिति में 0.5 प्रतिशत, 10 से 20 साल तक 1 प्रतिशत प्रतिशत, 20 से 30 साल तक पट्टा अवधि होने पर बाजार मूल्य का 2 प्रतिशत और 30 साल से अधिक होने पर 5 प्रतिशत स्टाम्प शुल्क लगेगा.

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इसके अलावा बैंक गारंटी के नवीनीकरण पर 1 हजार रुपए पंजीयन शुल्क देय होगा. बैंक लोन ट्रांसफर करने पर भी 1 हजार रुपए ही पंजीयन शुल्क लगेगा. कैबिनेट में इस संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है, तो सरकार विधानसभा के 13 सितंबर से प्रारंभ होने वाले मानसून सत्र में भारतीय स्टाम्प (मध्यप्रदेश संशोधन) विधेयक प्रस्तुत करेगी.