गृहमंत्री अमित शाह, कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद और BJP प्रवक्ता संबित पात्रा के बाद अब ट्विटर ने सामाजिक कार्यकर्ता और वकील प्रशांत भूषण के खिलाफ एक्शन लिया है।  माइक्रोब्लॉगिंग साइट ने वैक्सीनेशन पर किए गए प्रशांत भूषण के ट्वीट को मिसलीडिंग (भ्रम फैलाने वाला) बताया और उनके अकाउंट को 12 घंटे के लिए ब्लॉक कर दिया। 

भूषण ने सोमवार की शाम 6.20 बजे एक ट्वीट किया था।  इसमें कहा गया था कि कोविड वैक्सीन पर अपने विचार रखने के कारण मुझ पर कई लोगों ने जुबानी हमला किया।  मैं कुछ दस्तावेज पेश कर रहा हूं।  इन कारणों से ही मेरे मन में वैक्सीन को लेकर भ्रम है। वैक्सीन का ट्रायल न किया जाना और उसके गंभीर नतीजों के अलावा मैं अपने विचारों को सेंसर किए जाने से भी चिंतित हूं। 

ट्विटर ने मिसलीडिंग टैग के साथ वैक्सीन की जानकारी दी

ट्विटर ने न सिर्फ प्रशांत भूषण के ट्वीट पर मिसलीडिंग का लोगो लगाया, बल्कि वहां एक लिंक जनरेट कर दिया।  इसे क्लिक करने पर यूजर के सामने वैक्सीन से जुड़ी जानकारियां आ जाती हैं।  इसमें बताया गया है कि क्यों हेल्थ एक्सपर्ट्स ने ज्यादातर लोगों के लिए वैक्सीन को सुरक्षित बताया है। 

ट्विटर ने प्रशांत भूषण को 12 घंटे के लिए ब्लॉक कर दिया था।  ब्लॉक खुलने के बाद मंगलवार सुबह 10.42 बजे प्रशांत भूषण ने एक और ट्वीट किया।  इसमें उन्होंने कहा, तो ट्विटर ने मेरे ट्वीट को मिसलीडिंग बताया है।  मैंने उस ट्वीट में सबूतों के साथ बताया था कि वैक्सीन को लेकर मेरे मन में संदेह क्यों है।  इसके बाद भी मुझे 12 घंटे के लिए ब्लॉक कर दिया गया।  मैंने पहले भी कहा था कि फार्मा और आईटी कंपनियों के बीच गठजोड़ है।  दोनों एक नैरेटिव को लेकर चलते हैं।  ट्विटर के एक्शन से ये साबित हो गया है।