मोदी सरकार ( Modi government) ने बुधवार को ड्रोन सर्टिफिकेशन स्कीम को नोटिफाई की है. इसके तहत ड्रोन का सर्टिफिकेशन (Certification of drones ) आसान और पारदर्शी होने के साथ-साथ प्रक्रिया में तेजी भी आएगी. यह नोटिफिकेशन नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने जारी किया है. इसमें कहा गया है कि सरकार भारत में वर्ल्ड लीडिंग ड्रोन सिस्टम बनाने की दिशा में काम कर रही है. इसके जरिए भारतीय एयरस्पेस का लाखों ड्रोन पूरी सुरक्षा के साथ इस्तेमाल कर सकेंगे. इससे भारत में फिजिकल और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में मदद मिलेगी.

ड्रोन नियम 2021 के जारी होने से ड्रोन के लिए एक ग्लोबल सर्टिफिकेशन और अच्छा फ्रेमवर्क स्थापित करना मुमकिन हो गया है. इससे कमर्शियल ड्रोन टेक्नोलॉजी उपयुक्त सुरक्षा उपायों के साथ आसानी से बढ़ सकेगी. सरकार ने ड्रोन के रजिस्ट्रेशन और ऑपरेशन के लिए एक डिजिटल स्काई प्लेटफॉर्म बनाया है, पूरी तरह से डिजिटल है. सरकार ने कहा है कि उदार ड्रोन नियमों के साथ-साथ एयरस्पेस मैप, पीएलआई स्कीम और डिजिटल स्काई प्लेटफॉर्म के सिंगल विंडो के जरिए भारत की ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री को बढऩे में मदद मिलेगी.

हर ड्रोन यूजर को को एक बार रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को पूरा करना होगा. इसमें ड्रोन के साथ-साथ उसके मालिक और उसके पायलट का भी रजिस्ट्रेशन होगा. किसी भी येलो या रेड जोन में ड्रोन उड़ाने के लिए पहले इजाजत लेनी होगी, तभी ड्रोन्स को उस जोन में उड़ाया जा सकेगा.