केंद्र सरकार ने आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व नेता कुमार विश्वास को वाई श्रेणी की सुरक्षा देने का फैसला किया है। अब केंद्रीय सुरक्षा एजेंसी CRPF के जरिए कुमार विश्वास को वाई श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी। विश्वास के आप संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ आरोप लगाए जाने के बाद यह कदम उठाया गया है। 

इससे पहले गृह मंत्रालय ने कहा था कि सरकार कुमार विश्वास की सुरक्षा की समीक्षा कर रही है। समीक्षा करने के बाद तथा खुफिया सूचनाओं के आधार पर खतरे का आकलन करते हुए उन्हें सुरक्षा दी गई है। 

समीक्षा के बाद विश्वास को केंद्रीय सुरक्षा एजेंसी CRPF के जरिए वाई श्रेणी की सुरक्षा दी गई है। विश्वास ने पंजाब में विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार के दौरान केजरीवाल पर अलगाववादियों का समर्थन करने का आरोप लगाया था। पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 20 फरवरी को होगा।

क्या होती है वाई श्रेणी की सुरक्षा?

वाई श्रेणी की सुरक्षा में कुल 11 सुरक्षाकर्मी शामिल होते हैं। जिसमें दो पीएसओ (निजी सुरक्षागार्ड) भी होते हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा किसी विशिष्ठ व्यक्ति की सुरक्षा का आकलन करने के बाद उन्हें उसी के आधार पर सुरक्षा कवर दिया जाता है। देश में चार चरणों में सुरक्षा सिस्‍टम बंटा हुआ है, जिसमें सबसे शीर्ष पर जेड प्‍लस (Z +) है, जबकि इसके बाद जेड, वाई और एक्‍स श्रेणी की सुरक्षाएं आती हैं।

कुमार विश्वास को अभी जो सुरक्षा दी गई है, वह वाई श्रेणी की है। वाई श्रेणी की सुरक्षा में 11 सुरक्षाकर्मी होते हैं, जिनमें एक या दो कमांडो और पुलिस कर्मचारी भी होते हैं। इसके तहत दो निजी सुरक्षा अधिकारियों का ऑफर भी किया जाता है।  

बता दें कि कुमार विश्वास ने दावा किया था दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल पंजाब के सीएम या खालिस्तान के पीएम बनने का ख्वाब देखते हैं। कुमार विश्वास ने अरविंद केजरीवाल पर आरोप लगाते हुए कहा था, "उन्होंने (केजरीवाल) एक बार मुझसे कहा था कि वे पंजाब के सीएम या खालिस्तान के पीएम बनने का ख्वाब देख रहे हैं।"

आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता और कवि कुमार विश्वास के दावों को केंद्र सरकार ने गंभीरता से लिया है। शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के खत के जवाब में मामले को गंभीरता से लेने का आश्वासन दिया है।