भारत अब PPE किट मामले में चीन का मोहताज नहीं रहते हुए खुद जरूरत पूरी करते हुए इसें निर्यात कर रहा है। कोरोना वायरस शुरू होते ही भारत पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (PPE) किट के मामले में चीन चीन पर निर्भर हो गया था, लेकिन अब मामला उलट गया है। केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस महामारी में अवसर को भांपते हुए पीपीई किट बनाने वाले उद्योग से कहा है कि वे इसके ग्लोबल सर्टिफिकेशन की तैयारी करें, ताकि इसका निर्यात किया जा सके।
बताया गया है कि भारत ने अब पीपीई इंडस्ट्री ने निर्यात की इच्छा जताई है, जिसके लिए उन्हें इंटरनैशनल सर्टिफिकेशन की तैयारी करनी पड़ेगी, जिसके बाद सरकार घरेलू मांग को देखते हुए इसके निर्यात पर फैसला करेगी। उन्होंने कहा, 'उद्योग को इंटरनैशनल सर्टिफिकेशन की तैयारी करनी चाहिए और अन्य देशों के मानकों पर खरा उतरना चाहिए।'
फिलहाल मैन्युफैक्चरर्स को यूरोपीय संघ में पीपीई के निर्यात के लिए सीई मार्किंग तथा अमेरिका में इसके निर्यात के लिए फूड ऐंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन से सर्टिफिकेशन की जरूरत पड़ती है।
यह सर्टिफिकेशन दो तरीके से मिलता है। या तो सेलर इन ऑथोरिटीज को पीपीई के नमूने भेजे या ये एजेंसियां भारत में अपने अधिकृत प्रयोगशाला को मैन्युफैक्चरर्स को सर्टिफाई करने की मंजूरी दे।
ऐपेरल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के चेयरमैन ए. शक्तिवेल ने बताया कि यूरोपीय संघ, ब्रिटेन तथा अमेरिका से मांग आ रही है। हमने इंटरनैशनल सर्टिफिकेशन के लिए केंद्र सरकार तथा इंडियन मिशन से मदद मांगी है।