आधुनिक तकनीक ने सारे काम बहुत ही आसान बना दिया है। इस तकनीक लाभ लेते हुए गृह मंत्रालय ने असम की अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर मानवरहित हवाई वाहन (यूएवी) को सुरक्षा बल में शामिल किया है। इससे सीमा की हर गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाएगी। आपको बता दे कि असम में अवैध प्रवासियों की घुसपैठ के कारण यह कदम उठाया गया। इससे सीमा पर हर हरकत पर नजर रखी जा सकती है।

 आपको जानकारी के लिए बता दें कि राज्यपाल जगदीश मुखी ने कहा है कि अवैध विदेशियों के लिए पूर्वोत्तर में कोई जगह नहीं है। कोई भी अंतराष्ट्रीय सीमा ले प्रवेश ना कर पाए इसके लिए सरकार ने बांग्लादेश की सीमा बीएसएफ ने सीमा के कमजोर हिस्सों  पर तकनीकी का इस्तेमाल करते हुए समाधान करने की सोची हैं। 

भारत जो बांग्लादेश के साथ लगभग 4,000 किलोमीटर अंतर्राष्ट्रीय सीमा साझा करता है। उसमें एमएचए गैर-भौतिक बाधाओं द्वारा लगभग 48 किलोमीटर तक प्रबंधन करेगा और ड्रोन जैसी तकनीक के साथ बीएसएफ की कुल 81 बटालियने भारत-बांग्लादेश सीमा के साथ 900 से अधिक सीमा चौकियों पर तैनात रहेेंगी।