November Festival सीजन की शुरूआत हो चुकी है। नवंबर का महीना शुरू होते ही त्योहारों की भरमार है। इसके साथ ही खूब छुट्टियां आने वाली है। नवंबर महीने की त्योहारों का सिलसिला शुरू होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इसे कार्तिक महीना कहा जाता है। नवंबर में धनतेरस, दिवाली, गोवर्धन, भाईदूज और छठपूजा सहित कई बड़े और खास त्योहार मनाए जाते हैं। नवंबर का महीना त्योहारों से भरा हुआ रहता है। इस महीने में कई विशेष व्रत और त्योहार पड़ रहे हैं।

नवंबर माह में पड़ने वाले त्योंहार (Festivals in November 2021)
1 नवंबर- रंभा या रमा एकादशी
कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी को रंभा या रमा एकादशी कहते हैं। इस दिन भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और तुलसी जी की पूजा की जाती है।

2 नवंबर- प्रदोष व्रत, धनतेरस
कार्तिक मास की त्रयोदशी को धनतेरस मनाया जाता है। इस दिन माता लक्ष्मी और कुबेर की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस दिन घर में कोई नई वस्तु खरीदना शुभ होता है।

3 नवंबर- नरक चतुर्दशी, मासिक शिवरात्रि
दिवाली से ठीक एक दिन पहले नरक चतुर्दशी का त्योहार मनाया जाता है। कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को नरक चतुर्दशी के नाम से जाना जाता है। इसे रूप चौद, काली चौदस और छोटी दिवाली के नाम से भी जाना जाता है।

4 नवंबर- दिवाली
कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या को दिवाली का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। कहते हैं ऐसा करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है।

5 नवंबर- गोवर्धन पूजा
गोवर्धन पूजा के दिन अन्नकूट का भोग लगाया जाता है और घरों में गोबर से गोवर्धन भगवान का प्रतीक बनाकर उसकी पूजा की जाती है। दिवाली के अगले दिन गोवर्धन पूजा होती है। इस पर्व में गोवर्धन और गाय की पूजा का विशेष महत्व माना गया है। इस दिन लोग घर के आंगन में गोबर से गोवर्धन पर्वत का चित्र बनाकर गोवर्धन भगवान की पूजा करते हैं।

6 नवंबर- भाईदूज
भाईदूज, भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक पर्व है। हिन्दू पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को यह त्योहार मनाया जाता है। इस दिन बहनें भाई की कलाई में कलावा और माथे पर तिलक करके उसकी लंबी आयु और सुख समृद्धि की कामना करती हैं।

8 नवंबर- खरना (छठ पूजा), विनायक चतुर्थी
इस दिन कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पड़ रही है। इस दिन भगवान श्री गणेश को समर्पित विनायक चतुर्थी का व्रत भी रखा जाएगा। इस दिन खरना भी है, जिससे छठ महापर्व की शुरुआत होती है।

10 नंवबर- छठ पूजा
इस दिन छठ पूजा का व्रत है। छठ पूजा का पर्व भारत के विभिन्न राज्यों में श्रद्धा भाव के साथ मनाया जाता है। इस दिन सूर्य देव की पूजा की जाती है।

14 नवंबर- देवुत्थान एकादशी, देवउठनी एकादशी
कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवउठनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। हिन्दू धर्म में यह एकादशी तिथि महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन भगवान विष्णु चार माह की निद्रासन से जागते हैं और मांगलिक कार्य शुरू हो जाते हैं।

16 नवंबर- भौम प्रदोष, चातुर्मास समाप्त
इस दिन भौम प्रदोष व्रत है। प्रदोष व्रत हर माह के त्रयोदशी तिथि के दिन रखा जाता है। जब यह तिथि मंगलवार के दिन पड़ती है तो उसे भौम प्रदोष व्रत कहा जाता है। इस दिन भगवान शिवजी और माता पार्वती की पूजा की जाती है। साथ ही हनुमान जी की आराधना की जाती है।

19 नवंबर- कार्तिक पूर्णिमा
कार्तिक पूर्णिमा को गंगा स्नान और त्रिपुरी पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। इस दिन गंगा स्नान का महत्व है। मान्यता है कि इस दिन किसी पवित्र नदी, जलकुंड व सरोवर में स्नान करने से पुण्यफल की प्राप्ति होती है।

20 नवंबर- गुरु तेग बहादुर बलिदान दिवस
सिखों के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर ने अपने समुदाय के लोगों के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया। उनकी शहादत को हर साल 24 नवंबर को गुरु तेग बहादुर शहीदी दिवस के रूप में मनाया जाता है।

23 नवंबर- संकष्टी चतुर्थी
हिंदू पंचांग के अनुसार, कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाता है। इस दिन भगवान श्री गणेश जी की पूजा की जाती है।

30 नवंबर- उतपन्ना एकादशी
हिंदू धर्म में उत्पन्ना एकादशी व्रत का विशेष महत्व रखता है और इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है।