नार्वे दुनिया का ऐसा पहला देश है जिसने अपने देश के नागरिकों को फ्री में कोरोना वैक्सीन उपबल्ध कराने का ऐलान किया है। नार्वे सरकार ने कहा, 'कोरोना वैक्सीन सभी देशवासियों को बिल्कुल फ्री में दी जाएगी और इस तरह हमारा देश राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम का हिस्सा बन जाएगा।' नॉर्वे एक यूरोपीयन देश है, लेकिन यूरोपीय संघ का सदस्य नहीं है। यहां की सरकार का कहना है कि अगले साल अगस्त तक यूरोपीय संघ फार्मा कंपनियों के साथ बातचीत के माध्यम से कोरोना के खिलाफ बनी वैक्सीन हासिल कर ली जाएगी।

नार्वे के प्रधानमंत्री एर्ना सोलबर्ग ने एक बयान में कहा, "हम ज्यादा से ज्यादा लोगों तक एक सुरक्षित और प्रभावी कोरोना वैक्सीन पहुंचाना चाहते हैं। यही कारण है कि वैक्सीन एकदम फ्री होगी।" स्वीडन एक यूरोपीय संघ का सदस्य है और नॉर्वे का पड़ोसी है। स्वीडन जरूरत से ज्यादा वैक्सीन खरीदेगा और फिर उन्हें नॉर्वे को बेच देगा। सरकार ने एक बयान में कहा, "यूरोपीय संघ ने अब तक तीन अलग-अलग वैक्सीन निर्माताओं के साथ समझौते किए हैं और कई अन्य निर्माताओं के साथ समझौतों पर बातचीत कर रहा है। नॉर्वे ने स्वीडन के साथ रीसेल एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए हैं।"

नार्वे में कोरोना संक्रमण की स्थिति बाकी यूरोपीय देशों की तुलना में काफी बेहतर है। वर्ल्डोमीटर के मुताबिक, कोरोना संक्रमण के मामले में पूरी दुनिया में नार्वे का 92वां स्थान है। यूरोपीय देशों की बात की जाए, तो नार्वे का 29वां स्थान है। रूस, स्पेन, फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी जैसे देशों में स्थिति काफी खराब है।नार्वे में अबतक कुल 15,793 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं। इनमें से 11,863 लोग बीमारी से उभर भी चुके हैं। 3,653 संक्रमितों का इलाज जारी है। हालांकि यहां कुल 277 लोग अपनी जान भी गंवा चुके हैं।