अरब सागर में लो प्रेशर से बने चक्रवातीय तूफान 'लुबान' का खतरा अभी टला नही है। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो यह आने वाले कुछ घंटों में पश्चिम-उत्तर पश्चिम से होते हुए यमन तट की आेर बढ़ जाएगा लेकिन एक फ्रेश वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से एक बार फिर से यह खतरनाक रूप धारण कर सकता है। इसकी वजह से अगले 24 घंटों में उत्तर-पश्चिम के राज्यों के प्रभावित होने की संभावना है। एेसे में जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड इसकी चपेट में आ सकते हैं। 

वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से उत्तर-पश्चिम के राज्यों में भारी बारिश के साथ ही हवाआें की रफ्तार काफी तेज हो सकती है। वहीं मौसम वैज्ञानिकों ने लुबान तूफान आैर बारिश को देखते हुए मछुआरों को अगले 24 घंटों के दौरान पश्चिम मध्यअरब सागर में प्रवेश न करने की सलाह दी है। वहीं बंगाल की खाड़ी से उठे तितली तूफान का असर अभी भी कुछ इलाकों में दिखार्इ दे रहा है।  गैंगेटिक वेस्ट बंगाल आैर इसके आसपास के इलाकों में लो प्रेशर है लेकिन यह काफी हद तक कमजोर हो गया है।

वहीं कल गैंगेटिक वेस्ट बंगाल, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश आैर ओडिशा के अधिकांश इलाकों में बारिश हुर्इ। पश्चिम बंगाल, सिक्किम मध्य प्रदेश, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी, लक्षद्वीप और अंडमान एंड निकोबार द्वीप समूह में भी झमाझम बारिश हुर्इ। वहीं कल सौराष्ट्र आैर कच्छ स्थित भुज देश का सबसे गर्म स्थान रहा, यहां अधिकतम तापमान 39.5 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड हुआ। वहीं सबसे ठंडा इलाका वेस्ट राजस्थान का चुरु इलाका रहा। यहां न्यूनतम तापमान 13.8 डिग्री तापमान था।