मोदी सरकार ने पूर्वोत्तर के राज्यों को बड़ा तोहफा दिया है। केन्द्र सरकार ने रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम(आरसीएस) के तहत पूर्वोत्तर क्षेत्र में 22 नए हवाई अड्डों व हेलीपैड्स को मंजूरी दी है। रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत केन्द्र सरकार ने पूरे देश में 24 हवाई अड्डों व हेलिपैड्स को मंजूरी दी है। इनमें से 22 पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए हैं। अरुणाचल प्रदेश में 9, असम में 5, मणिपुर में भी 5 और मेघालय, त्रिपुरा व सिक्किम में एक एक एयरपोर्ट खुलेगा।


प्रत्येक राज्य की आर्थिक ग्रोथ को बढ़ाने के लिए सरकार भारत के दूर दराज के इलाकों को एयर कनेक्टिविटी से एक दूसरे से जोडऩा चाहती है। इस मकसद के लिए पूर्वोत्तर प्राथमिक सूची में है क्योंकि पूर्वोत्तर के राज्यों की सीमा पड़ोसी देशों से लगती है। यह रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम का दूसरा चरण है। पहले चरण में पूर्वोत्तर की 6 जगहों को एयरपोर्ट के निर्माण के लिए कवर किया गया था। इनमें शिलॉन्ग, दिमापुर,इंफाल, सिलचर, आईजोल व अगरतला शामिल थे। एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया(एएआई) के मुताबिक पूर्वोत्तर भारत के और अन्य पहाड़ी इलाकों के ज्यादातर हवाई अड्डे भारतीय वायुसेना इस्तेमाल करती है। हालांकि नागरिकों के लिए उन्होंने अलग इंतजाम किए हैं। एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया क्षेत्र में कई मौजूदा हवाई अड्डों की मरम्मत करा रही है। साथ ही एएआई कुछ हवाई अड्डों को एक्सपेंड भी कर रही है ताकि इसे बड़े हवाई अड्डों के साथ अकामडैट किया जा सके। सिक्किम के पाकयोंग में पहला एयरपोर्ट बनेगा, इसके लिए सरकार ने 553.52 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। 24 में से 2 एयरपोर्ट जम्मू कश्मीर में बनेंगे क्योंकि सरकार चाहती है कि पहले पहाड़ी इलाकों में कनेक्टिविटी को बढ़ाना चाहती है।