पूर्वोत्तर के राज्यों के कृषि उत्पाद और किसानों को मिलेगा फायदा जल्द ही अंतराष्ट्रीय मार्केट में मचाएंगे धूम जी हां अब नार्थईस्ट के कृषि उत्पाद जल्द ही वैश्विक स्तर पर अपना परचम लहराने जा रहे हैं।

आइजीआइ एयरपोर्ट के रूप में एक नया प्लेटफार्म मिल गया है। आइजीआइ एयरपोर्ट से कृषि उत्पाद के निर्यात के लिए शुक्रवार को दुबई के लिए सीधी कार्गो फ्लाइट सेवा शुरू की गई। आगामी दिनों में देश के अन्य हिस्सों में इन उत्पादों को निर्यात किया जाएगा। इससे जहां पूर्वोत्तर के राज्यों के किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य मिल सकेगा वहीं, लोगों को अच्छी गुणवत्ता व पोषक से भरे कीवी, अनानास सहित सजावटी फूल और औषधीय पौधे उपलब्ध हो पाएंगे।


आइजीआइ एयरपोर्ट के कार्गो टर्मिनल पर इस संबंध में शुक्रवार को एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) और कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण के संयुक्त प्रयास से विशेष कार्गो विमान सेवा की शुरुआत की गई। डायल प्रवक्ता ने बताया कि कार्गो टर्मिनल पर खराब होने वाले खाद्य उत्पादों के निर्यात और रखरखाव की विशेष व्यवस्था है। इसी के मद्देनजर डायल ने वर्ष 2016 में पूर्वोत्तर राज्यों के कृषि उत्पाद के देश-विदेश में निर्यात का अध्ययन करवाया था। इसमें पता चला कि अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में भारी मात्रा में उपयोगी कृषि उत्पाद उगाए जाते हैं।


पर्याप्त रेल, सड़क और हवाई सेवा उपलब्ध नहीं होने के कारण जल्द खराब होने वाले उत्पादों का निर्यात नहीं हो पाता। यहां तक की पड़ोसी देश बांग्लादेश और म्यांमार भेजने के लिए उत्पाद को पहले कोलकाता भेजना पड़ता है। इसके बाद कंपनी ने यह कवायद शुरू की। विशेष कार्गो विमान सेवा शुरू करने से पहले अगरतला से कृषि उत्पाद को दिल्ली मंगाया गया। यहां से उसे स्पाइस जेट के विमान से दुबई रवाना किया गया।

इस मौके पर डायल के सीइओ आइ प्रभाकर राव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी सपना पूर्वोत्तर राज्यों के व्यापार को देश-विदेश से जोड़ना है। इसके मद्देनजर डायल ने काम शुरू किया है। यह सेवा शुरू कर आइजीआइ एयरपोर्ट पूर्वोत्तर राज्य और वैश्विक बाजार के बीच पुल का काम करेगी और पूर्वोत्तर को ना सिर्फ देश बल्कि विदेशों में भी पहचान दिलाएगी।