पूर्वोत्तर के कलाकारों ने अपने नृत्य से कुछ ऐसा समां बंधा जिसे देखकर वहां मौजूद हर कोई बाद मंत्रमुग्ध हो गया। 


भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय उत्तर-मध्य क्षेत्र सास्कृतिक केंद्र एवं नई दिल्ली पालिका परिषद् (एनडीएमसी) की ओर से आयोजित तीन दिवसीय पूर्वोत्तर उत्सव-2017 को पूर्वोत्तर के कलाकारों ने रंगारंग प्रस्तुति देकर यादगार बना दिया। 

कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में आखिरी दिन उत्सव में पूर्वोत्तर के सातों राज्यों की संस्कृति को नृत्य एवं संगीत के जरिये प्रस्तुत किया। इस दौरान कलाकारों की सतरंगी लोक कला दिखाकर दर्शकों का मन मोह लिया। कलाकारों ने आखिरी दिन फोक डास और म्यूजिक की प्रस्तुति के जरिये दिल्ली वालों को अपना दीवाना बना लिया।

इस मौके पर विभिन्न प्रदेशों द्वारा भिन्न-भिन्न प्रकार की प्रस्तुति पेश की गई। इसमें बिहू डास असम के कलाकारों द्वारा पेश किया गया। इसके साथ ही मेघालय ने साद-ए-मश्ती, नागालैंड द्वारा अकोकी रवि, मिजोरम द्वारा कैरो डास, मणिपुर द्वारा थाग ता डास और स्टिक एंड लाइ हरोबा डास, अरुणाचल प्रदेश द्वारा रिकिम पडा डास और सिक्किम द्वारा तमाग सेलो डास की प्रस्तुति दी गई। 

इस दौरान पूर्वोत्तर उत्सव के प्रभारी निदेशक नरेंद्र सिंह, कार्यक्रम की अधिकारी कल्पना सहाय, संयोजक अजय गुप्ता और मधुकाक मिश्रा मौजूद रहे इस शानदार उत्सव का समापन सोमवार को हो गया लेकिन इस कर्यक्रम के जरिए अन्य लोगो भी पूर्वोत्तर के रंग में रंग गए।