उत्तर कोरिया के बढ़ते मिसाइल परीक्षणों ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। अब उत्तर कोरिया ने ट्रेन में बने मिसाइल सिस्टम से पहली बार बैलिस्टिक मिसाइल टेस्ट किया है। कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) ने एक रिपोर्ट में कहा कि परीक्षण फायरिंग ड्रिल पहली बार कार्रवाई के लिए तैनात रेलवे-जनित मिसाइल प्रणाली की व्यावहारिकता की पुष्टि करने के उद्देश्य से, वास्तविक युद्ध लड़ने के मामले में कार्रवाई प्रक्रियाओं में दक्षता हासिल करने के लिए और युद्ध की तत्परता की स्थिति को देखते हुए कि गई।

राजनीतिक ब्यूरो के प्रेसिडियम के सदस्य और वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया की केंद्रीय समिति के सचिव पाक जोंग चोन ने मिसाइल रेजिमेंट के परीक्षण फायरिंग अभ्यास का मार्गदर्शन किया। जोंग ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग फायरपावर ड्यूटी के जरिए खतरा पैदा करने वाली ताकतों को एक कठोर बहु-समवर्ती प्रहार से निपटने में सक्षम रेलवे-जनित मिसाइल प्रणाली एक कुशल काउंटर-स्ट्राइक साधन के रूप में कार्य करती है। बुधवार का प्रक्षेपण उत्तर कोरिया द्वारा नई प्रकार की लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलों का सफलतापूर्वक परीक्षण किए जाने के कुछ दिनों बाद हुआ है।

ट्रेन से मिसाइल परीक्षण की तकनीक तैयार करने से उत्तर कोरिया अब देश के किसी भी कोने से मिसाइल दाग सकता है, क्योंकि पूरे उत्तर कोरिया में रेलवे नेटवर्क है। हालांकि संकट के समय उत्तर कोरिया का रेलवे नेटवर्क हमलावरों के लिए आसान टारगेट भी हो सकता है। अमेरिका के मिसाइल एक्सपर्ट एडम माउंट का कहना है ट्रेन बेस्ड मिसाइल सिस्टम उन देशों के लिए सस्ता और भरोसेमंद विकल्प है जो अपनी परमाणु ताकत में इजाफा करना चाहते हैं। रूस ने भी यह सिस्टम तैयार किया था और अमेरिका भी इस पर विचार कर रहा है।