उत्तर कोरिया (North Korea missile test) एक बार फिर से अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने में जुट गया है। इस बीच उत्तर कोरिया ने समुद्र में दो संदिग्ध बैलेस्टिक मिसाइलों  (ballistic missile) को दागा है। इस महीने उत्तर कोरिया का यह चौथा परीक्षण है। सियोल के ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ ने सोमवार को कहा कि दक्षिण कोरिया की सेना ने प्योंगयांग के सुनान हवाईअड्डे (Pyongyang Sunan Airport) से पूर्व की ओर दागी गई दो संदिग्ध छोटी दूरी की बैलेस्टिक मिसाइलों का पता लगाया है।

ये मिसाइलें सुनान एयरपोर्ट से सुबह 8.50 और 8.54 पर लान्च की गई थीं। ये करीब 42 किमी की ऊंचाई तक गईं और इन्होंने 380 किमी की दूरी तय की। इस मिसाइल लान्च के तुरंत बाद ही दक्षिण कोरिया में एक आपात बैठक (emergency meeting in South Korea) बुलाई गई, जिसमें उत्तर कोरिया द्वारा इस माह में ही किए गए चार मिसाइल लान्च की कड़ी आलोचना की गई। जापान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी कहा कि उसने उत्तर कोरिया से एक संभावित बैलेस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण (ballistic missile launch) का पता लगाया है, लेकिन इस संबंध में उन्होंने ज्यादा जानकारी नहीं दी है। प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा (Prime Minister Fumio Kishida) ने अपनी सरकार को प्रक्षेपण के बारे में जानकारी इकट्ठा करने और जहाजों और विमानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करने का निर्देश दिया। जापान के तटरक्षक बल ने मिसाइलों पर नजर रखने के लिए जापानी जलक्षेत्र के चारों ओर यात्रा करने वाले जहाजों के लिए चेतावनी जारी की। साथ ही हर समय चुनौती का सामना करने के लिए भी तैयार रहने के दिशा निर्देश दिए गए हैं। ऐसे कहा जा सकता है जापान अब हाईअलर्ट पर है।

गौरतलब है कि इससे पहले भी उत्तर कोरिया ने ट्रेन से बैलेस्टिक मिसाइल (ballistic missile) का परीक्षण किया था। यह कहा जा रहा है उत्तर कोरिया ने इस परीक्षण से अमरीका प्रशासन को कड़ा जवाब दिया था। बता दें कि अमरीका ने उत्तर कोरिया के लगातार परीक्षणों के चलते नए प्रतिबंध लगा दिए थे। रेल कारों से दागी गई मिसाइलें एक ठोस-ईंधन शॉर्ट-रेंज हथियार प्रतीत होती हैं। उत्तर कोरिया ने रूस के इस्कंदर मोबाइल बैलिस्टिक सिस्टम (Iskander Mobile Ballistic System) की नकल की है। रेलवे-जनित मिसाइल रेजिमेंट वह होती है जिसने रेल पटरियों के साथ हथियार प्रणाली को पहुंचाया और इस्तेमाल किया जाता है।