उत्तरी कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन के तुलगकी फरमान खासे चर्चित रहते हैं। हाल ही में किम जोंग ने अपने दस नागरिकों को सरेआम मौत के घाट उतरवा दिया। मरने वालों का कसूर केवल इतना था कि उन्होंने चीनी मोबाइल का इस्तेमाल किया और अपने देश से बाहर बात करने की गुस्ताखी की। बाहरी दुनिया से संपर्क के चलते उन्हें यह सजा दी गई।

दरअसल, उत्तरी कोरिया में लोगों पर चीनी मोबाइल नेटवर्क का इस्तेमाल करने पर रोक है। यहां बिना अनुमति देश से बाहर फोन करना जुर्म है। जानकारी के मुताबिक इसी आरोप में देश के करीब डेढ़ सौ नागिरक पकड़े गए हैं। इस मामले में खुफिया पुलिस ने निगरानी रखना शुरू किया था। इसे लेकर देश में छापेमारी भी जारी है। इस आरोप में पकड़े जाने वाले लोगों को मौत की सजा दी जा रही है।

बता दें कि उत्तरी कोरिया इस समय भुखमरी के हालात से गुजर रहा है। वहां खाने का संकट बरकरार है। रोजमर्रा के सामान की कीमतें बहुत अधिक हो रही हैं। ऐसे में चाहकर भी लोग दूसरे देशों से अपने लिए मदद नहीं मांग सकते हैं। वहीं, चीन सीमा से लगे रयानगैंग प्रांत से मिली जानकारी के मुताबिक सीमा पार से सामान लेने पर लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है। लोगों को देश से बाहर भेजने, सामान मंगवाने, देश से बाहर कॉल करवाने या पैसा ट्रांसफर करने के आरोप में कई लोगों को पकड़ा गया है।

उत्तरी कोरिया में रहने वाले कई नागरिकों के रिश्तेदार दक्षिणी कोरिया में रहते हैं। अपने रिश्तेदारों से बात करने के लिए लोगों को तस्करी के मोबाइल और सिम का सहारा लेना पड़ता है। यहां अभी भी घरेलू नेटवर्क को लेकर काफी पाबंदियां हैं। बताया जा रहा है कि मई में भी कई लोगों को इस संबंध में गिरफ्तार किया गया है।