विरोधाभासों और उलझनों के बीच पूर्वोत्तर के व्यापारियों व उद्यमियों ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का स्वागत किया है। संबंधित अधिकारियों का कहना है कि सभी समस्याओं को जल्द सुलझा लिया जाएगा। 

एफआइएनईआर, फिक्की, इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स, नॉथईस्ट इनीशिएटिव और त्रिपुरा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने कहा कि सरकार को जीएसटी के प्रति व्यापारियों को जागरूक करना चाहिए।

अगरतला के एक मध्यमवर्गीय व्यापारी बीजान बानिक ने कहा कि जीएसटी के पहले हमें टैक्स मैनुअल रूप में जमा करना होता था। अब हमें कंप्यूटराइज्ड और ऑनलाइन काम करना होगा। यह भ्रष्टाचारमुक्त होगा। 

इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रमुख महेश सहरिया ने कहा कि जीएसटी इस क्षेत्र के लिए काफी फायदेमंद होगा। इससे व्यापारियों को इनपुट टैक्स क्रेडिट का खास लाभ होगा जो पहले नहीं था। 

एएफआईएनइआर प्रमुख पबित्र बुरागोहैन ने जीएसटी का स्वागत करते हुए सरकार से 100 फीसद एक्साइज ड्यूटी रिफंड की मांग की। साथ ही कहा कि जटिल प्रक्रियाओं का समाधान किया जाना चाहिए। 

पूर्वोत्तर राज्यों में 10 लाख रुपए से अधिक सालाना कारोबार वालों को जीएसटी के लिए पंजीकरण कराना होगा, जबकि अन्य राज्यों में यह सीमा 20 लाख तक है। इन राज्यों में आठ जीएसटी आयुक्तालय खोले गए हैं।

त्रिपुरा के आयुक्तालय की ओर से बताया गया है कि राज्य में बड़ी संख्या में ऐसे व्यापारी हैं, जिनका आउटसोर्संग सिस्टम का काम है। वे जल्द ही बिना किसी परेशानी के जीएसटी के नियमों में आ सकते हैं। हर रोज बड़ी संख्या में लोग इसके बारे में जानने के लिए कार्यालय आ रहे हैं। 

त्रिपुरा में दुर्भाग्यवश कई ऐसे लोग हैं जो डिजिटली जागरूक नहीं हैं और ना ही उनके पास ऑनलाइन जीएसटी रिटर्न जमा करने के लिए ऐसी सुविधाएं हैं। फिलहाल यहां के लोगों के लिए मैनुअल रिटर्न भरने की सुविधा दी जानी चाहिए। जीएसटी काले धन को रोकने और देश की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाएगा।

असम में जीएसटी कमिश्नर जितेश जैन ने कहा कि शुरुआत में इसके पंजीयन में कुछ परेशानी आ सकती है, लेकिन समय के साथ सब सही हो जाएगा। आने वाले कुछ सालों में लोगों को ज्यादा कर नहीं चुकाना पड़ेगा। 

टैक्स की चोरी खत्म हो जाएगी। असम में हर साल कर के रूप में 6,000 करोड़ रुपये जमा किए जाते हैं। यह कर राशि पांच सालों में बढ़कर 12,000 करोड़ रुपये हो जाएगी। मिजोरम के राजस्व मंत्री ने भी कहा कि जीएसटी के चलते राज्य के राजस्व में वृद्धि होगी।