गैर-हिंदुओं को गंगा के घाटों और वाराणसी (Varanasi) में बने नदी किनारे के मंदिरों से दूर रहने के लिए कहने वाले पोस्टर सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा हैं। यह यूपी विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) से पहले ही वायरल हुआ जिससे जोरदार हड़कंप मच गया है। इस बीच, पुलिस ने कहा कि कथित तौर पर दक्षिणपंथी संगठनों द्वारा लगाए गए पोस्टर अब हटाए जा रहे हैं और इसकी जांच शुरू कर दी गई है।

पोस्टर में लिखा गया है कि "काशी में मां गंगा के किनारे घाट और मंदिर सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति, आस्था और विश्वास के प्रतीक हैं। सनातन धर्म (Sanatan Dharma) में आस्था और आस्था रखने वालों का स्वागत है। अन्यथा, यह पिकनिक स्थल (picnic spot) नहीं है "।

पोस्टर में शीर्ष पर "प्रवेश निषिद्ध- गैर-हिंदू" लिखा था और यह कहते हुए समाप्त हुआ कि "यह अनुरोध नहीं है, बल्कि एक चेतावनी है"। विश्व हिंदू परिषद (VHP) और उसकी युवा शाखा, बजरंग दल (Bajrang Dal) द्वारा कथित तौर पर लगाए गए ऐसे पोस्टरों की तस्वीरें और वीडियो भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सामने आए।

पूर्वी उत्तर प्रदेश का पवित्र शहर दुनिया भर से पर्यटकों को आकर्षित करता है। दुनिया के सबसे पुराने शहरों में से एक माना जाने वाला वाराणसी (Varanasi) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Modi) का लोकसभा क्षेत्र भी है।
बजरंग दल के काशी महानगर समन्वयक निखिल त्रिपाठी "रुद्र" ने कहा, "गैर हिंदू (Non-Hindus) घाटों की शुद्धता का उल्लंघन करते हैं। इसलिए उन्हें यह चेतावनी जारी की गई है।"