लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा को तगड़ा झटका लगा है। ऑल गोरखा स्टूडेंट्स यूनियन (एएजीएसयू) ने सत्तारुढ़ भाजपा को चेतावनी दी है कि अगर पार्टी ने तेजपुर से मौजूदा सांसद राम प्रसाद शर्मा को टिकट नहीं दिया तो उसे संगठन का समर्थन नहीं मिलेगा।


एएजीएसयू के अध्यक्ष प्रेम तमांग ने कहा, असम में करीब 25 लाख गोरखा लोग हैं। अगर भाजपा ने शर्मा को टिकट नहीं दिया तो हमें पार्टी के खिलाफ वोट करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। तमांग ने कहा कि जब कांग्रेस ने तेजपुर से मोनी कुमार सुब्बा को टिकट देने से इनकार कर दिया था तो गोरखाओं ने असम में कांग्रेस के खिलाफ वोट किया। आपको बता दें कि सुब्बा 12 वीं, 13 वीं व 14 वीं लोकसभा के सदस्य थे। सुब्बा 1998 से 2009 तक लोकसभा सांसद रहे।

एएजीएसयू के अलावा असोम गोरखा सन्मिलन ने भी शर्मा को तेजपुर से टिकट देने की मांग की है। आपको बता दें कि तेजपुर से टिकट नहीं मिलने पर शर्मा ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। 16 मार्च को उन्होंने फेसबुक पर भाजपा छोडऩे की घोषणा की थी। शर्मा गोरखा समुदाय से आते हैं। 2014 में वह पहली बार तेजपुर लोकसभा क्षेत्र से चुनाव जीतकर सांसद बने। हालांकि शर्मा ने कहा है कि अगर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उनसे अनुरोध करते हैं तो वह भाजपा में लौटकर लोकसभा चुनाव लड़ सकते हैं।


भाजपा के सूत्रों ने बताया है कि केन्द्रीय नेतृत्व ने अभी तक शर्मा का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है और राज्य इकाई से उम्मीदवारों के पैनल पर पुनर्विचार करने को कहा है। पैनल में तेजपुर से सांसद शर्मा का नाम नहीं था। उन्होंने कहा, मेरे इस्तीफे के बाद तृणमूल कांग्रेस, एनपीपी, कांग्रेस व अन्य दलों ने जुडऩे के लिए मुझसे संपर्क किया है। हालांकि इस समय किसी से भी जुडऩे में मेरी दिलचस्पी नहीं है। मैं वकालत के अपने पेशे में लौटूंगा। अगर प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह अनुरोध करते हैं तो मैं फिर से पार्टी में शामिल होकर तेजपुर से चुनाव लडऩे के बारे में सोच सकता हूं।