तमिलनाडु में भारी बारिश के कारण अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो गई है। हर तरफ पानी-पानी नजर आ रहा है। दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी पर बना हवा का निम्न दबाव उत्तर तमिलनाडु और दक्षिणी आंध्र प्रदेश की तटों की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में यहां एक बार फिर से भारी बारिश होने की आशंका जतायी जा रही है। 

हवा के कम दवाब के चलते चेन्नई और पांच उत्तरी जिलों में अगले 24 घंटों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की उम्मीद जताई जा रही है। यह निम्न दबाव का क्षेत्र उत्तरी तमिलनाडु तट से दूर दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर केंद्रित था, जो चेन्नई से लगभग 310 किमी दक्षिण-पूर्व, पुड्डुचेरी से 290 किमी पूर्व-दक्षिण पूर्व और कराईकल से 270 किमी पूर्व-उत्तर पूर्व में केंद्रित था। कल तड़के तक इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढऩे और उत्तर तमिलनाडु और चेन्नई के आसपास के दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटों को पार करने की ज्यादा अनुमान है। 

इसके प्रभाव से अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा और कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान लगाया जा रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि तमिलनाडु, पुड्डुचेरी और कराईकल के अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। इनसे सटे रायलसीमा के जिलों में भी मूसलाधार बारिश होने का अनुमान जताया गया है। 

दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के अलग-अलग स्थानों पर भी इसका असर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने चेन्नई और पांच अन्य जिलों और पुड्डुचेरी में भी अत्यधिक भारी बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है और इन इलाकों में रेड अलर्ट जारी किया है। अगले 24 घंटों के दौरान दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और तमिलनाडु, पुड्डुचेरी और उससे सटे दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटों पर 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से लेकर 65 किमी प्रति घंटे की गति तक हवा चलने के आसार हैं, हालांकि बाद में हवा की गति कम होने का अनुमान है। 

इसी दरमियान दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और तमिलनाडु, पुड्डुचेरी और उससे सटे दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटों पर समुद्र में तेज हलचल रहेगी, हालांकि बाद में यह भी धीरे-धीरे सामान्य हो जाएगी। मौसम विभाग ने मछुआरों को अगले 24 घंटे तक समुद्र में नहीं उतरने की सलाह दी है। विभाग ने इन इलाकों में बाढ़ आने, जलभराव होने और कच्ची सड़कों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई है। बाढ़ के पानी के कारण कुछ क्षेत्रों में बागवानी और खड़ी फसलों को नुकसान भी हो सकता है।