पूर्वोत्तर में भाजपा प्रभारी राममाधव के गठबधन में वापस लौटने की अपील के बाद भी असम गण परिषद  (एजीपी) के अध्यक्ष अतुल बोरा ने कहा कि भाजपा के साथ गठबंधन पर कोर्इ पुनर्विचार नहीं होगा। बोरा ने शुक्रवार को बोकाखाट में नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ आयोजित मशाल जुलूस में ये बात कही। बोरा ने कहा कि पार्टी ने नागरिकता बिल पर अपना रुख साफ कर दिया है आैर अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस मामले पर पुर्नविचार करने का कोर्इ सवाल ही नहीं है।


बता दें कि नागरिकता बिल लोकसभा में पास होने के बाद अगप ने भाजपा के साथ गठबंधन  तोड़ने का एेलान किया था। इसके बाद अगन अध्यक्ष आैर कृषि मंत्री अतुल बोरा, जल संसाधन मंत्री केशव महंत और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री फनीभूषण चौधरी ने सोनोवाल कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि एजीपी के तीनों मंत्रियों का सरकार में वापसी का रास्ता रखते हुए अभी तक मुख्यमंत्री सर्बानंदा सोनोवाल ने त्यागपत्र के अनुशंसा राज्यपाल से नहीं की है।

बिल को अभी राज्यसभा में हरी झंडी नहीं मिल पार्इ है। नागरिकता अधिनियम 1955 में संशोधन के लिए लाकसभा में पेश किया गयाथा। यह विधेयक पाकिस्तान, अफगानिस्तान आैर बांग्लादेश से धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए अवैध नागरिकों को छह साल रहने के बाद भारतीय नागरिकता देने को प्रावधान है।


गौरतलब है कि पूर्वोत्तर के भाजपा प्रभारी राम माधव गुरूवार को गुवाहाटी पहुंचे। वहां पर उन्हाेंने एजीपी को समझाया गठबंधन में वापस लौटने की अपील की। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जायज कारणों से विरोध कर रहे हैं, लेकिन ज्यादातर लोग राजनीति से प्रेरित हैं।