आठ में से छह पूर्वोत्तर राज्यों में मोदी सरकार अपने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत एक भी एलपीजी कनेक्शन मुहैया कराने में नाकाम रही है। जबकि यह एक ऐसी पहल है, जिसकी सफलता ने उत्तर प्रदेश में भाजपा के लिए सत्ता की राह बनाई। इस राज्य में बीपीएल परिवारों को 40 लाख से ज्यादा कनेक्शन मुहैया कराए जा चुके हैं। 

यह जानकारी एक आरटीआई याचिका के जरिए इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड से प्राप्त हुई है। इसके मुताबिक आठ मई 2017 तक अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम जैसे राज्यों में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से एक भी परिवार लाभान्वित नहीं हुआ है। पूर्वोत्तर भारत में सिर्फ भाजपा शासित दो राज्यों असम और मणिपुर में एलपीजी कनेक्शन मुहैया कराए गए हैं। आरटीआई के जवाब में यह भी बताया गया है कि आठ मई 2017 तक उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में करीब 43 लाख कनेक्शन मुहैया कराए गए हैं। 

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना को नरेंद्र मोदी द्वारा 1 मई 2016 को उत्तर प्रदेश के बलिया में लॉन्च किया गया था। इसका फायदा भाजपा को राज्य के विधानसभा चुनाव में मिला। हालांकि आरटीआई में इस सवाल का जवाब नहीं दिया गया कि सरकार ने इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश और पूरे देश में कितना खर्चा किया है। इसको लेकर जवाब दिया गया कि जानकारी उपलब्ध नहीं है। बता दें कि पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के तहत प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की वेबसाइट पर बताया गया है कि एक जुलाई तक 704 जिलों को कवर दिया गया और लगभग दो करोड़ चालीस लाख बीपीएल एलपीजी कनेक्शन जारी किए गए हैं।