गुवाहाटी/नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने सीमापार से घुसपैठ की घटनाओं में तेजी से गिरावट का दावा किया है। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बुधवार को राज्यसभा में बताया कि असम में बांग्लादेश की सीमा से घुसपैठ की अब तक कोई घटना दर्ज नहीं की गई है। सीमा पर घुसपैठ रोकने के लिए किए जा रहे उपायों से जुड़े एक सवाल के जवाब में उन्होंने यह जानकारी दी। आपको बता दें कि असम की सीमा बांग्लादेश से लगती है। सीमा पर बाड़ लगाने का काम पूरा नहीं हो पाया है। असम में बड़ी संख्या में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठिए हैं,इनकी पहचान के लिए एनआरसी को अपडेट करने की प्रक्रिया चल रही है। 

राय ने बताया कि 2019 में घुसपैठ की मात्र एक घटना की सूचना है और यह घुसपैठ भारत पाकिस्तान सीमा से हुई है। असम की सीमा बांग्लादेश से लगती है इसलिए वहां के घुसपैठ की एक भी सूचना नहीं है। सीमा पर तारबंदी से जुड़े पूरक प्रश्न के जवाब में राय ने पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगी सीमा पर बाड़ लगाने का ब्योरा देते हुए बताया कि चीन, नेपाल, भूटान और म्यांमार से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बाड़ लगाने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है। बांग्लादेश सीमा पर सिर्फ 353 किलोमीटर क्षेत्र पर बाड़ लगाने का काम शुरु होना शेष है। जिस इलाके में अभी तक बाड़ नहीं लगाई जा सकी है वह दलदली इलाका है, इसलिए इस क्षेत्र में घुसपैठ रोकने और निगरानी के लिए तेज रोशनी वाली लाइट व अन्य अत्याधुनिक तकनीक की मदद ली जा रही है।  

राय ने बताया कि 2020 तक भारत बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने का काम पूरा कर लिया जाएगा। भारत-बांग्लादेश की सीमा की लंबाई 3326.14 किलोमीटर है, जिसमें से 2803.013 किलोमीटर बाड़ लग चुकी है। शेष 169.64 किलोमीटर पर तारबंदी का काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने का काम दिसंबर 2020 तक पूरा हो जाएगा।