राज्य के मुख्यमंत्री व नेशनल पीपुल्स पार्टी के प्रमुख कोनराड के संगमा ने उन शंकाओं पर विराम लगा दिया है, जिनमें यह कहा जा रहा था कि खासी हिल्स स्वायत्त जिला परिषद में गत दिनों जो भी प्रकरण हुआ, उसका असर मौजूदा एमडीए सरकार पर भी पड़ेगा। कोनराड ने कहा कि वह आशावादी हैं और परिषद में हालिया गतिरोध का प्रभाव एमडीए पर नहीं पड़ेगा।


मालूम हो कि यूडीपी नेता तथा परिषद के मुख्य कार्यकारी सदस्य तेइनवेल ड्खार को यूनाइटेड डेमोक्रेटिक एलायंस में शामिल सहयोगी एमडीसी के विद्रोह का सामना करना पड़ा था, क्योंकि कुछ एमडीसी ने आरोप लगाया था कि महत्वपूर्ण फैसले लेने से पहले उनके सीएम उनसे परामर्श नहीं लेते हैं। नतीजतन छह एमडीसी ने यूडीए से अपना समर्थन वापस ले लिया था। इनमें तीन एनपीपी के भी एमडीसी शामिल थे। इसके बाद मुख्यमंत्री कोनराड सहित अन्य एनपीपी नेताओं के हस्तक्षेप के बाद यह मामला सुलझा लिया गया।


नाराज एमडीसी को समझा-बुझाकर अल्पमत में आई कार्यकारी समिति को बहाल कर लिया गया है। फिलहाल यह मामला ठीक बताया जा रहा है। एमडीए की समन्वय समिति की बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थिति अब पटरी पर है। यूडीए में यूडीपी, एनपीपी, एचएसपीडीपी, पीडीएफ व निर्दलीय एमडीसी सहयोगी है। गतिरोध को दूर कर लिया गया है।

बहरहाल एमडीए के साझा न्यूनतम कार्यक्रम का जो सवाल है, उस पर भी बातचीच हुई है। एमडीए में मुद्दा उठाया जा रहा था कि एमडीए में साझा न्यूनतम कार्यक्रम नहीं है। इस दिशा में काम कर लिया है। एमडीए सरकार अच्छा कार्य कर रही है। पिछले एक वर्ष के दौरान उसने कई सराहनीय कदम उठाए हैं और विभिन्न काम भी हुए हैं। बेहतर कार्यों की उपल्ब्धि को नाकारा नहीं जा सकता।