मेघालय के राज्यपाल गंगा प्रसाद ने सबसे बड़े दल को विधान सभा में बहुत साबित करने का मौका दिए जाने के कांग्रेस के आग्रह के बीच नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के अध्यक्ष कोनराड संगमा को छह मार्च को नई सरकार बनाने का रविवार को न्यौता दिया। इससे साफ हो गया है कि कोनराड संगमा ही मेघालय के अगले मुख्यमंत्री होंगे।


इस बीच संगमा ने एक चैनल से बातचीत में विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि केवल केवल बीजेपी के सहयोग की वजह से नहीं बल्कि एकमत रखने वाली सभी पार्टियों के साथ आने से यह सरकार बनने जा रही है। सभी पार्टी बदलाव चाहती है।


नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के प्रमुख कोनराड  संगमा ने रविवार शाम मेघालय के राज्यपाल गंगा प्रसाद से मुलाकात की और सरकार के गठन के लिए अपने पास 60 सदस्यीय विधानसभा में 34 विधायकों का समर्थन होने का दावा किया। संगमा ने कहा कि हम राज्यपाल से मिले और 34 विधायकों के समर्थन का पत्र दिया, जिनमें एनपीपी के 19, यूनाईटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी) के 6, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के 4, हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (एचएसपीडीपी) एवं भाजपा के दो-दो विधायक और एक निदर्लीय विधायक शामिल हैं। एनपीपी नेता पूर्व लोकसभा अध्यक्ष दिवंगत पीए संगमा के सबसे छोटे बेटे हैं। कोनराड अपने पिता के निधन के बाद तुरा सीट के उपचुनाव में लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए।


गौरतलब है कि कांग्रेस नेता कमल नाथ और अहमद पटेल ने शिलांग का दौरा करके क्षेत्रीय दलों से गठबंधन करने की कोशिश की थी, लेकिन उनका प्रयास सफल नहीं हो सका। 21 सीटों के साथ कांग्रेस सबसे बड़े दल के रूप में उभरी जबकि एनपीपी के खाते में 19 सीटें आईं। इस राज्य में कांग्रेस पार्टी की सरकार थी। इस बार 59 सीटों के लिए 372 उम्मीदवार मैदान में थे। मतदान 27 फरवरी को हुआ था। विलियमनगर सीट पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के उम्मीदवार जोनाथन संगमा की 18 फरवरी को ईस्ट गारो हिल्स जिले में आईईडी विस्फोट में मौत के बाद इस सीट पर मतदान रद्द कर दिया गया था।