इजरायल और फिलिस्तीन के बीच 10 दिन से जारी संघर्ष के बीच आम लोगों की जिंदगी बदहाल हो गई है। इजरायल के हवाई हमले में गाजा की इकलौती कोविड टेस्टिंग लैब बंद हो गई है। अधिकारियों का आरोप है कि इजरायल ने जानबूझकर इसे निशाना बनाया। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन ने इजरायल को करीब 5.4 हजार करोड़ रुपए के हथियार बेचने को मंजूरी दी है।

अमेरिकी संसद के मुताबिक सांसदों के इस समझौते पर आपत्ति जताने की संभावना नहीं है, क्योंकि डेमोक्रेटिक हो या रिपब्लिकन पार्टी, दोनों इजरायल का जबर्दस्त समर्थन करती हैं। उधर, अमेरिका के इस रवैये पर तुर्की भड़क गया है। वहां के राष्ट्रपति एर्दोगन ने बाइडेन का नाम लेते हुए कहा- ‘आपने मुझे यह कहने के लिए बाध्य किया है कि आप अपने खूनी हाथों से इतिहास लिख रहे हैं।’

इजरायल-फिलिस्तीन मामले पर अरब देशों में भी संशय है। इस्लामिक देशों के संगठन ओआईसीे की बैठक में इजरायल को चेतावनी दी गई कि अल अक्सा मस्जिद पर कब्जे की कोशिश की तो नतीजे भयानक होंगे। बैठक सऊदी ने बुलाई थी। पर उसने खुद अमेरिकी जेट फाइटर्स को जमीन दी है। अमेरिका इसका इस्तेमाल इजरायल की मदद में कर सकता है।

द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक इस जंग का खामियाजा दोनों पक्षों को भुगतना पड़ रहा है। लेकिन हमास के कब्जे वाले गाजा पट्टी इलाके में हालात बदतर हो चुके हैं। यहां की 21 लाख की आबादी में से 11 लाख के पास पीने का पानी, टॉयलेट और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं।

गाजा सिटी में 7 साल पहले बिजली, पानी, सीवेज के इंतजाम थे। एक वॉटर फिल्टर प्लांट तो 2.5 लाख लोगों की प्यास बुझाता था। आज सब तबाह हो चुका है। स्कूल या तो ध्वस्त हो चुके हैं या बमबारी की वजह से बंद। लिहाजा, 6 लाख बच्चे घरों में कैद हैं। 40 हजार लोग रिफ्यूजी कैम्प में हैं।