भारत में एक नए कोरोनावायरस वेरिएंट ‘डेलमिक्रॉन’ (delmicron virus in india) पर बहस बढ़ रही है, ऐसे में प्रमुख स्वास्थ्य विशेषज्ञों (Health experts) ने शनिवार को लोगों को अफवाहों पर ध्यान न देने और विश्व स्वास्थ्य संगठन डब्ल्यूएचओ (WHO) या यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन सीडीसी जैसी वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसियों की इसपर प्रतिक्रिया आने की प्रतीक्षा करने की सलाह दी है।

महाराष्ट्र के सी-19 टास्क फोर्स (Maharashtra C-19 Task Force) के सदस्य डॉ शशांक जोशी के हवाले से भारत में ‘डेलमिक्रॉन’ (delmicron virus) के बारे में कई खबरें सामने आई, जिन्होंने कहा, यूरोप और अमेरिका में डेल्टा और ओमिक्रॉन (omicron) के मामले बढ़ने के साथ ही डेलमिक्रॉन सामने आया है। अभी तक ऐसा कोई कोरोना वेरिएंट (Corona Variant) सामने नहीं आया है। साथ ही ओमिक्रॉन के बाद सार्स-सीओवी-2 वायरस (SARS-CoV-2 Virus) के एक और उत्परिवर्तन के बारे में भी कोई जानकारी नहीं आई है, जो दुनिया भर में तेजी से फैल रहा है। सेंटर फॉर कम्युनिटी मेडिसिन (center for community medicine), एम्स, नई दिल्ली के एसोसिएट प्रोफेसर हर्षल आर साल्वे ने बताया कि ऐसा कोई वेरिएंट मौजूद नहीं है।

साल्वे ने कहा, अभी तक ‘डेलमिक्रॉन’ (delmicron virus in india) नामक कोई नया कोविड वायरस वेरिएंट सामने नहीं आया है।उन्होंने कहा, ओमिक्रॉन भी कोई नया वायरस नहीं है क्योंकि यह एक उत्परिवर्तित कोरोनावायरस है। अब तक उपलब्ध सबूतों के अनुसार, इसकी संक्रामकता अधिक है, लेकिन लक्षण प्रकृति में हल्के हैं। इसलिए इससे घबराने की जरूरत नहीं है। स्वास्थ्य मंत्रालय (Ministry of Health) ने शनिवार को कहा कि भारत में कुल 415 ओमिक्रॉन मामले सामने आए हैं जबकि कम से कम 115 कोरोना मरीज ठीक हुए हैं। महाराष्ट्र में ओमिक्रॉन वेरिएंटके 108 हैं, इसके बाद दिल्ली में 79 मामले हैं। गुजरात में 43 और तेलंगाना में 38 मामले हैं।