बिहार चुनावों के मद्देनजर राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है। हालांकि किसानों से जुड़े बिलों को लेकर हंगामा बढ़ा है, लेकिन विपक्षी सांसदों के जोरदार हंगामे के बीच राज्‍यसभा में भी कृषि विधेयक पास हो गए हैं। इसके बाद अब विपक्ष ने राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश कर दिया है।

अविश्वास प्रस्ताव को लेकर कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अहमद पटेल ने कहा कि उन्हें (राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश) को लोकतांत्रिक परंपराओं की रक्षा करनी चाहिए, लेकिन इसके बजाय, उनके रवैये ने आज लोकतांत्रिक परंपराओं और प्रक्रियाओं को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि हरवंश के इस रवैये को देखते हुए हमने उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला किया।

इससे पहले राज्यसभा में कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्द्धन और सरलीकरण) विधेयक-2020 तथा कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन समझौता और कृषि सेवा पर करार विधेयक-2020 को मंजूरी मिल गई। ध्‍वनिमत से पारित होने से पहले इन विधेयकों पर सदन में खूब हंगामा हुआ। नारेबाजी करते हुए सांसद वेल तक पहुंच गए। कोविड-19 के खतरे को भुलाते हुए धक्‍का-मुक्‍की भी हुई। विपक्ष ने इसे 'काला दिन' बताया। तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने कहा कि यह 'लोकतंत्र की हत्‍या' है।
दूसरी ओर कृषि विधेयक पास होने पर बीजेपी अध्‍यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि 'नरेंद्र मोदी के नेतृत्‍व में सरकार ने किसानों को पिछले 70 सालों के अन्‍याय से मुक्‍त करा दिया है।' उन्‍होंने राज्‍यसभा में हंगामे पर कहा, 'विपक्षी दल किसान-विरोधी हैं। प्रक्रिया का हिस्‍सा बनने के बजाय, उन्‍होंने किसानों की मुक्ति को रोकने की कोशिश की। बीजेपी उनकी हरकतों की निंदा करती है।'