गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा है कि ‘नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा’ (एनएलएफटी) और ‘ऑल त्रिपुरा टाइगर फोर्स’ (एटीटीएफ) पर पाबंदी और पांच साल के लिए जारी रहेगी। विभाग के संयुक्त सचिव सत्येंद्र गर्ग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की, जिसे यहां उपलब्ध कराया गया।

अधिसूचना के अनुसार, एटीटीएफ और एलएफटी को तीन अक्टूबर 2018 से पांच साल के लिए गैरकानूनी संगठन घोषित करने के पर्याप्त कारण हैं। पिछले साल 15 नवंबर को इस विषय पर फैसले के लिए एक न्यायाधिकरण का गठन किया गया था कि एनएलएफटी और एटीटीएफ को गैरकानूनी संगठन घोषित करने के लिए पर्याप्त कारण हैं या नहीं, लेकिन एनएलएफटी या एटीटीएफ की तरफ से 25 फरवरी को न्यायाधिकरण की कार्यवाही के दौरान कोई पेश नहीं हुआ।

अधिसूचना में कहा गया कि त्रिपुरा सरकार, रक्षा मंत्रालय, खुफिया ब्यूरो, कैबिनेट सचिवालय (रॉ) और सीआरपीएफ से सलाह मशविरा करने के बाद इन दोनों संगठनों पर पाबंदी जारी रखने की सिफारिश की गई। सीमा सुरक्षा बल ने भी एनएलएफटी को गैरकानूनी संगठन घोषित करने की सिफारिश की थी।