असम का दौरा करने वाले जनता दल यूनाइटेड के प्रतिनिधिमंडल ने कहा है कि पार्टी के राष्ट्रीय नेता नीतीश कुमार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर उनके सामने नागरिकता(संशोधन)बिल के मुद्दे को उठाने की एक और कोशिश करेंगे। पार्टी पहले ही घोषणा कर चुकी है कि अगर बिल राज्यसभा में लाया गया तो वह इसके खिलाफ वोट करेगी। 

साथ ही पार्टी एनडीए में शामिल शिवसेना और अकाली दल के साथ मिलकर बिल के खिलाफ अपना कड़ा विरोध जारी रखेगी। जदयू नेता केसी त्यागी ने मीडियाकर्मियों को बताया कि हम एनडीए के महत्वपूर्ण घटक हैं। हमारा गठबंधन में लंबा साथ रहा है। हमारा कर्तव्य है कि नागरिकता(संशोधन)बिल जैसे महत्वपूर्ण मामलों पर अपने उपयोगी सुझाव दें। बिल पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के डेमोग्राफिक फैब्रिक के लिए खतरा है। आपको बता दें कि केसी त्यागी राज्यसभा सांसद हैं। 

बिल पर कांग्रेस पार्टी के रूख पर संदेह व्यक्त करते हुए त्यागी ने कहा कि राज्यसभा में वोटिंग से अनुपस्थित रहना और सदन से वॉक आउट करने को बिल के समर्थन के तुल्य माना जाएगा। त्यागी ने कहा कि राज्यसभा में कांग्रेस के सांसदों की अच्छी खासी संख्या है। कांग्रेस यहां बिल का विरोध कर रही है लेकिन जब लोकसबा में बिल पेश किया गया तब उसके सांसदों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। 

बिल पर कांग्रेस का  ढुलमुल रवैया असम के  लोगों और पूरे पूर्वोत्तर की इच्छा के खिलाफ जा सकता है। आपको बता दें कि नागरिकता(संशोधन)बिल 2019 लोकसभा में पारित हो चुका है। मोदी सरकार की कोशिश इसे राज्यसभा से पारित कराने की है, जहां उसके पास बहुमत नहीं है। कहा जा रहा है कि मोदी सरकार बजट सत्र के दौरान बिल को पेश कर सकती है। हालांकि कांग्रेस स्पष्ट रूप से कह चुकी है कि वह किसी भी कीमत पर बिल को राज्यसभा में पारित नहीं होने देगी।